Thursday, January 29, 2026

ANNUAL MARKING SCHEME 2025-26

 





DAV PUBLIC SCHOOLS, ODISHA  



NAME OF THE EXAM-ANNUAL ,           SUBJECT :H. HINDI,         CLASS : V



MARKS DISTRIBUTION FOR ANNUAL 2025-26


            

Sl No

Chapters / units

Forms of Question-

( LA-I, SA-II, SA-I,VSA-I)

Marks Allotted




खण्ड – क ( पठन )


5


1

 अपठित  गद्यांश 


VSA-I




खण्ड – ख  ( लेखन )


10


2

अनुच्छेद लेखन

 पत्र  लेखन

LA-I

LA-I




खण्ड – ग ( व्याकरण )


15 


3

काल 

MCQ



4

वाक्यांशों के लिए एक शब्द


MCQ



5

संज्ञा से विशेषण बनाइए

VSA-I



6

क्रिया के भेद

VSA-I



7

कारक 

MCQ



8

मुहावरों के अर्थ

VSA-I



9

पर्यायवाची 

MCQ




खण्ड –घ(पाठ्य पुस्तक  )


20


10

कविता से लघु उत्तरीय प्रश्न

VSA-I



11

गद्य पाठ से  प्रश्न  


SA-II



12

खाली स्थान भरिए । (भाषा माधुरी)

VSA-I



13

मूल्यपरक प्रश्न

SA-I



खेल में हार जाने के बाद आपको कैसा लगता है इसपर एक अनुच्छेद लिखिए।

 आप अपने मित्रों के साथ मैदान में खेलते हैं और कई बार हार भी जाते हैं। तब आपको कैसा लगता है और आप अपने मन को कैसे समझाते हैं? एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए-

उत्तर:
जब मैं अपने मित्र के साथ मैदान में खेलता हूँ तो यह सोचता हूँ कि जीत मेरी ही होगी क्योंकि हारना किसी को पसंद नहीं लगता हैं। किंतु कभी-कभी मैं खेल में हार भा जाता हूँ तब मुझे बहुत बुरा लगता है। वैसी स्थिति में हम यह सोचकर मन को समझाते हैं कि खेल में हार-जीत तो होती ही रहती है। दूसरों की जीत पर हमें खुश होना चाहिए और इसी उम्मीद में रहना चाहिए कि अगली बार मेरी जीत अवश्य होगी।

पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-

 10. पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-

उत्तर:
डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, दिल्ली
दिनांक 25/12/20XX
आदरणीय दादाजी
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करती हूँ कि आप भी वहाँ ठीक होंगे। दादाजी, आज मैं बेट्टिना की सफलता के बारे में बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूँ। बेट्टिना उन्नीस वर्ष की एक लड़की है। जिसके लिए नृत्य शौक और आय दोनों के साधन हैं। एक बार वह भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। वह जीवित बच तो जाती है किंतु उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। एक बार उसकी एक सेविका ने उसे प्यार से समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसकी इन बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी। वह हिम्मत जुटाकर लगातार प्रयास करती रही। उसके इसी प्रयास ने उसे उस मोड़ पर पहुँचा दिया जहाँ वह दुर्घटना से पहले थी। घर में सभी बड़ों को प्रणाम तथा छोटों को प्यार।
आपकी पोती
------------।

आदर्श विद्यार्थी

 

आदर्श विद्यार्थी**


आदर्श विद्यार्थी वह होता है जो मेहनती, ईमानदार और अनुशासनप्रिय होता है। वह अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का आदर करता है। आदर्श विद्यार्थी समय पर स्कूल जाता है, ध्यान से पढ़ाई करता है और हमेशा सच बोलता है। वह अपने दोस्तों की मदद करता है और सबके साथ मिलजुल कर रहता है। उसे स्वच्छता पसंद होती है और वह अपने विद्यालय का नाम रोशन करता है। खेलकूद में भी वह पूरा भाग लेता है। आदर्श विद्यार्थी समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है। हमें भी आदर्श विद्यार्थी बनने का प्रयास करना चाहिए।

आदर्श विद्यार्थी

विद्यार्थी जीवन हमारे संपूर्ण जीवन की आधारशिला है। यह हमारे भविष्य की दिशा तय करता है। एक आदर्श विद्यार्थी वह है जो सीखने के लिए बहुत उत्साह  रखता है। वह मेहनती और जिम्मेदार होता है।आदर्श छात्र हमेशा विनम्र होता है। वह कक्षा में शिक्षक की बातों को ध्यान से सुनता है और अपना होमवर्क समय पर जमा करता है। वह अच्छे शिष्टाचार अपनाता है और अपने शिक्षकों तथा साथियों का सम्मान करता है।एक आदर्श विद्यार्थी अधिक जानने के लिए प्रश्न पूछने से कभी नहीं डरता है। वह स्कूल की संपत्ति की देखभाल करता है और उसे साफ रखता है। वह सुधार करने और अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करता है। आदर्श छात्र नई चीजें सीखने का आनंद लेता है और अपने आने वाले भविष्य को बेहतर बनाता है। आज का आदर्श विद्यार्थी ही कल का राष्ट्र-निर्माता है।


Friday, January 23, 2026

चाँद का कुर्ता: भाषा अभ्यास क्विज

https://notebooklm.google.com/notebook/2ef12d42-c84a-4112-8be5-c732957281f4?artifactId=c7d0b81b-aa98-4604-a787-84270c19ae71 क्विज




पर्यायवाची -अमोलिका पेज 44

 

अमृत- सोम पीयूष सुधा

आँख - नेत्र लोचन नयन

घर-सदन, निकेतन, आलय, गृह

चाँद-सोम, विधु, इंदु, शशि

कमल-सरोज, पंकज, नीरज, अरविंद 

किनारा -कूल, तीर, तट

सूर्य -भानु, भास्कर, दिनकर, दिवाकर

पृथ्वी भू, वसुधा, वसुंधरा, धरती


पर्वत अचल, शैल, नग, भूधर, गिरि

पक्षी खग, विहग, नभचर


बादल मेघ, घन, जलद, वारिद


फूल प्रसून, पुष्प, कुसुम

समुद्र-सागर, नदीश, पयोधि, सिंधु

जल-नीर, वारि, अंबु


संसार-विश्व, जगत, दुनिया

सरोवर-तड़ाग, तालाब, सर


 कोयल- पिक, कोकिल, पिकबयनी

रात-रजनी, रात्रि, निशा

घोड़ा-अश्व, तुरग, हय

Thursday, January 1, 2026

कोशिश करने वालों..... VBQ

 बातचीत के लिए 

प्रश्न 1.चींटी से हम क्या सीख सकते हैं? सोचकर बताइए।
उत्तर:
चींटी से हम लगातार परिश्रम करना सीखते हैं: तथा बार-बार गिर कर उठने संभल जाने और आगे बढ़ जाने की सीख भी लेते हैं।

प्रश्न 2.नन्हीं सी चींटी भी इतनी मेहनत क्यों करती होगी?
उत्तर:
नन्हीं सी चींटी अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए इतनी मेहनत करती होगी।

प्रश्न 3.क्या मनुष्य असफल होकर भी सीख सकता है? कैसे?

उत्तर:
अगर मनुष्य के अंदर दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो वह असफल होकर भी सीख सकता है। मनुष्य को अपने अंदर की कमजोरी को सुधार कर निरंतर प्रयास करते रहने से सफलता जरूर मिलती है।

प्रश्न 4.मोती गहरे पानी में ही मिलता है। इस पंक्ति के माध्यम से क्या कहने की कोशिश की गई है?
उत्तर:
इस पंक्ति के माध्यम से यह कहने की कोशिश की गई है कि जिस प्रकार एक गोताखोर को मोती प्राप्त करने के लिए पानी की गहराई तक जाना पड़ता है उसी प्रकार हमें सफलता प्राप्त करने के लिए हर संघर्ष का सामना धैर्य तथा साहस से करना होगा।

आपकी कल्पना ( पृष्ठ संख्या – 108)

प्रश्न 1.यदि आप मकड़ी होते तो अपने लिए घर कैसे बनाते?
उत्तर:
यदि हम मकड़ी होते तो अपने लिए घर उसी प्रकार बनाते जैसे मकड़ी बनाती है। हम भी निरंतर प्रयास करते हुए अपने लिए घर बनाते।

प्रश्न 2.यदि आप गोताखोर होते तो आपका अनुभव कैसा होता?
उत्तर:
यदि हम गोताखोर होते तो हम भी एक गोताखोर की भाँति समुद्र में गोता लगाते और मोती वापस निकालकर लाते।

प्रश्न 3.यदि चींटी बोल सकती तो आप उससे क्या क्या पूछते? वह क्या – क्या जवाब देती? 

उत्तर- यदि चींटी बोल सकती तो हम उससे पूछते कि तुम लगातार इतना परिश्रम कैसे कर लेती हो। बार-बार गिरना, बार-बार उठना और मन में किसी तरह का अफसोस न रखना, इतनी हिम्मत तुम्हारे अंदर कहाँ से आती है? चींटी जवाब देती, “मैं अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए इतना परिश्रम करती हूँ। मेरे अंदर का विश्वास मुझे आगे बढ़ाती  है। तभी तो बार-बार गिर कर भी मैं अपनी मंजिल तक पहुँच जाती हूँ।

भाषा की बात (पृष्ठ संख्या – 109 )

प्रश्न 1.समान अर्थ वाले शब्दों का मिलान कीजिए-

उत्तर:

कोशिशप्रयास
नौकानाव
मोतीमाणिक
रंगोंनसों

प्रश्न 2.ध्यानपूर्वक पढ़िए-
1. स् + व = स्व
2. ट् + ठ – ट्ठ
कविता में ऐसे शब्द छाँटकर लिखिए जहाँ ‘स्व’, ‘ट्ठ’ संयुक्त व्यंजनों का प्रयोग हुआ है-
उत्तर:
स्व-स्वीकार
ट्ठ- मुट्ठी

प्रश्न 3.चार-चार शब्द लिखिए-

उत्तर:

संज्ञासर्वनामक्रियाविशेषण
नौकाउसकीहारनानन्हीं
चींटीतुमफिसलनागहरा
पानीकुछसुधारनाखाली
सिंधुइसीत्यागनाअसफलता

जीवन मूल्य 

प्रश्न 1.कविता में कहा गया है कि असफलताओं को चुनौती की तरह स्वीकार करना चाहिए। इससे क्या लाभ होगा?
उत्तर:
असफलताओं को चुनौती की तरह स्वीकार करने से व्यक्ति अपनी कमजोरियों को दूर करेगा और कठिन से कठिन कार्य को आसानी से कर सकेगा। असफल होने पर भी उसकी हिम्मत नहीं टूटेगी और उसकी संकल्प शक्ति बढ़ जाएगी। अंततः व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेगा।

प्रश्न 2.आप अपनी किस असफलता को चुनौती की तरह स्वीकार करेंगे?

उत्तर:
अगर हम अपनी कक्षा की वार्षिक परीक्षा में असफल हो जाएँगे तो उससे हम हार नहीं मानेंगे बल्कि पुनः परिश्रम करने के पश्चात् उसमें सफलता अवश्य हो  पाएँगे।

प्रश्न 3.ऐसा करने से आपको क्या लाभ होगा?
उत्तर:
ऐसा करने से हम दुनिया के सामने अपनी सफलता को सिद्ध कर सकेंगे तथा चारों ओर हमारा गुणगान हो सकेगा।

कुछ करने के लिए (पृष्ठ संख्या – 110 )

प्रश्न 1.ऐसी ही कोई अन्य प्रेरणा देने वाली कविता याद करके कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:

**"नयी राहों की ओर"**

सपने हैं जो आँखों में बसे,

सफलता का रास्ता कभी न रुकें,

मुसीबतें आएं या तूफ़ान हो,

हिम्मत से बढ़ते रहो, कभी न थकें।

वो रातें, वो अंधेरे जहाँ,

न उम्मीद थी, न कोई था पास,

पर दिल ने कहा, "चल, थाम ले तू,

हर कठिनाई को पार कर, देखो क्या पास!"

हर चोट, हर गिरावट, बस एक सिख है,

हर संघर्ष में कुछ खास है।

जो हारने से डर जाए, वो कभी नहीं जीता,

जो हार कर भी लड़े, वही असली विजेता है।

समय का पहिया भी चलता है,

एक दिन बदल जाएगा हर मोड़,

आगे बढ़ो, तुम खुद हो अपनी ताकत,

तुम हो वो सूरज, जो चमकेगा रोज़।

यह कविता हमें यही सिखाती है कि मुश्किलें आती हैं, लेकिन अगर हम निरंतर मेहनत करें और अपनी कोशिशें जारी रखें, तो हम किसी भी रुकावट को पार कर सकते हैं।


प्रश्न 2.
अँगूठे या अंगुलियों के निशान, काला पैन आदि की सहायता से कुछ चींटियाँ बनाइए।
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।

ANNUAL Q/A MADHURI

    अगर न नभ में बादल होते- कविता में से   1. बादल कहाँ से जल भरकर लाते हैं?  बादल सिंधुं से जल भरकर लाते हैं। 2. नभ में बादल आने पर मोर और ...