10. पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-
उत्तर:डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, दिल्ली
दिनांक 25/12/20XX
आदरणीय दादाजी
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करती हूँ कि आप भी वहाँ ठीक होंगे। दादाजी, आज मैं बेट्टिना की सफलता के बारे में बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूँ। बेट्टिना उन्नीस वर्ष की एक लड़की है। जिसके लिए नृत्य शौक और आय दोनों के साधन हैं। एक बार वह भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। वह जीवित बच तो जाती है किंतु उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। एक बार उसकी एक सेविका ने उसे प्यार से समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसकी इन बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी। वह हिम्मत जुटाकर लगातार प्रयास करती रही। उसके इसी प्रयास ने उसे उस मोड़ पर पहुँचा दिया जहाँ वह दुर्घटना से पहले थी। घर में सभी बड़ों को प्रणाम तथा छोटों को प्यार।
आपकी पोती
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