Saturday, October 25, 2025

शुल्क माफी के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना/आवेदन पत्र

 शुल्क माफी के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना /आवेदन पत्र

सेवा में,

श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,

डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल,

चंद्रशेखरपुर, भुवनेश्वर।

विषय: शुल्क माफी के लिए आवेदन पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 5 का छात्र/छात्रा हूँ। मेरे पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए मैं विद्यालय का शुल्क जमा नहीं कर पा रहा/रही हूँ। मैं पढ़ाई में बहुत रुचि रखता/रखती हूँ और हमेशा अच्छे अंक प्राप्त करता/करती हूँ।

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया मेरा शुल्क माफ करने की कृपा करें ताकि मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ।

आपकी बड़ी कृपा होगी।

सधन्यवाद,

आपका आज्ञाकारी छात्र/छात्रा,

नाम – ____________

कक्षा – 5

रोल नंबर – __________

तिथि – __________

Thursday, October 23, 2025

समानार्थक शब्द / पर्यायवाची शब्द

 





समानार्थक शब्द / पर्यायवाची शब्द


 अश्रु- आँसू 

 संसार - दुनिया 

 नीर - जल 

  दामिनी - बिजली 

 मेघ - बादल 

 अम्बर - नभ 


अमृत- सोम पीयूस सुधा

आँख - नयन लोचन नेत्र

आकाश - गगन नभ व्योम

कमल -सरोज, पंकज, नीरज, अरविंद 

किनारा-कूल, तीर, तट

घर-सदन, निकेतन, आलय, गृह

चाँद-सोम, विधु, इंदु शशि

सूर्य-भानु, भास्कर, दिनकर, दिवाकर

पृथ्वी-भू, वसुधा, वसुंधरा, धरती 

पर्वत-अचल, शैल, नग, भूधर, गिरि 

पक्षी-खग, विहग, नभचर

बादल-मेघ,घन, जलद, वारिद

फूल-प्रसून, पुष्प, कुसुम 

जल-नीर, वारि, अंबु

समुद्र-सागर, नदीश, पयोधि, सिंधु

संसार-विश्व, जगत, दुनिया

सरोवर- तड़ाग, तालाब, सर

कोयल- पिक, कोकिल, पिकबयनी

रात- रजनी, रात्रि, निशा

घोड़ा- अश्व, तुरंग, हय


संज्ञा शब्दों को विशेषण में बदलिए

 संज्ञा शब्दों को  विशेषण में  बदलिए

सरल - सरलता

प्रसन्नता - प्रसन्न

सुख - सुखी

दया - दयालु

अंक  - अंकित

अर्थ - आर्थिक

भारत - भारतीय

दिन - दैनिक

मास - मासिक

वर्ष - वार्षिक

इतिहास - ऐतिहासिक 

देश - देशी

विदेश - विदेशी

धर्म - धार्मिक

प्रांत - प्रांतीय

पंजाब - पंजाबी

भूगोल - भौगोलिक

सम्मान - सम्मानित

कुल-कुलीन

गर्व- गर्वीला

राष्ट्र - राष्ट्रीय

गुण - गुणी

कृपा- कृपालु

निश्चय - निश्चित

स्वदेश - स्वदेशी

धन - धनी


आदर्श विद्यार्थी अनुच्छेद

 **आदर्श विद्यार्थी**


आदर्श विद्यार्थी वह होता है जो मेहनती, ईमानदार और अनुशासनप्रिय होता है। वह अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का आदर करता है। आदर्श विद्यार्थी समय पर स्कूल जाता है, ध्यान से पढ़ाई करता है और हमेशा सच बोलता है। वह अपने दोस्तों की मदद करता है और सबके साथ मिलजुल कर रहता है। उसे स्वच्छता पसंद होती है और वह अपने विद्यालय का नाम रोशन करता है। खेलकूद में भी वह पूरा भाग लेता है। आदर्श विद्यार्थी समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है। हमें भी आदर्श विद्यार्थी बनने का प्रयास करना चाहिए।

आदर्श विद्यार्थी

विद्यार्थी जीवन हमारे संपूर्ण जीवन की आधारशिला है। यह हमारे भविष्य की दिशा तय करता है। एक आदर्श विद्यार्थी वह है जो सीखने के लिए बहुत उत्साह  रखता है। वह मेहनती और जिम्मेदार होता है।आदर्श छात्र हमेशा विनम्र होता है। वह कक्षा में शिक्षक की बातों को ध्यान से सुनता है और अपना होमवर्क समय पर जमा करता है। वह अच्छे शिष्टाचार अपनाता है और अपने शिक्षकों तथा साथियों का सम्मान करता है।एक आदर्श विद्यार्थी अधिक जानने के लिए प्रश्न पूछने से कभी नहीं डरता है। वह स्कूल की संपत्ति की देखभाल करता है और उसे साफ रखता है। वह सुधार करने और अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करता है। आदर्श छात्र नई चीजें सीखने का आनंद लेता है और अपने आने वाले भविष्य को बेहतर बनाता है। आज का आदर्श विद्यार्थी ही कल का राष्ट्र-निर्माता है।


 Last वाला अनुच्छेद को Number न लिखकर अनुच्छेद में लिख सकते हैं।
तीनों में से आप को जो आसान लगे उसे लिख सकते हैं या तीनों में से मिला कर भी लिख सकते हैं।

Thursday, October 16, 2025

प्रिय पौधा भाषा अभ्यास

    प्रिय पौधा  भाषा अभ्यास

http://bit.ly/472Mcxx

1. पाठ 'प्रिय पौधा' में आए 'र' के विभिन्न रूपों के तीन-तीन शब्द लिखिए 
आकर्षर्वश्रेष्ठ स्पर्श विद्यार्थी
प्रदर्शनी प्रयोग क्रिया सर्वश्रेष्ठ
वृक्ष नृत्य दृष्टि 
2. दिए गए संज्ञा शब्दों को विशेषण शब्दों में बदलिए 
संज्ञा शब्द       विशेषण शब्द 
(क) सरलता.  सरल
(ख) प्रसन्नता  प्रसन्न
(ग) सुख  सुखी
(घ) दया  दयालु
3. नीचे दिए गए शब्दों में कुछ शब्द उपसर्गों के योग से बने है
और कुछ प्रत्ययों के योग से बने हैं। 
इन्हें छाँटकर सही वर्गों में लिखिए
 भरपेट, मिलावट, हरघड़ी, प्रतिदिन, कपूत, मोरनी, चाँदनी, अपमान,
बदहाल, मधुरता, दवाखाना, गाड़ीवान 
उपसर्ग से बने शब्द - भरपेट  हरघड़ी प्रतिदिन कपूत अपमान   बदहाल,, 
प्रत्यय से बने शब्द -  मिलावट मोरनी चाँदनी   मधुरता गाड़ीवान दवाखाना, 
  1. टी- चार्ट के माध्यम से उपसर्ग और प्रत्यय से बने शब्दों की जानकारी

4. पढ़िए और समझिए 
वह धीरे-धीरे चलता है।    वह धीरे-धीरे चलती है। 
  • वह क्यों गया? वे क्यों गए।
. कपड़े पसंद थे, लेकिन मेरे पास पैसे कम थे। 
• वह आई थी, परंतु तुम नहीं मिले। 
कुछ शब्दों के रूप किसी भी दशा में परिवर्तित नहीं होते। हर जगह एक ही
रूप में प्रयुक्त होता है। ऐसे शब्दों को 'अव्यय' कहते हैं।
जैसे- कब, तब, धीरे-धीरे, कित, परंतु आजकल आदि।
4.नीचे दिए गए अव्यय शब्दों का प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाइए 
(क) इसलिए - वह बीमार है इसलिए स्कूल नहीं आया।
(ख)  और - माता और पिता मिलकर हमारी देखभाल करते हैं
(ग) तथा -  हरित के माता-पिता ताऊ-ताई तथा बहन भी वहाँ पहुँच गए।
(घ) किंतु -  गाय मोटी है किंतु बछड़ा दुबला है।

5. नीचे दी गई पंक्तियों को कहानी के क्रम अनुसार लिखिए 
 1. हरित प्रतिदिन पौधे की देखभाल करता था। 
 2.प्रदर्शनी के एक दिन पहले उसका पौधा चोरी हो गया।
3. हरित ने संयोजक को बताया कि उसका पौधा संगीत पर झूमता है। 
4.सर्वश्रेष्ठ पौधे का पुरस्कार हरित को मिला।

6. नीचे लिखे शब्दों के विलोम बनाइए 
(क) सहयोग असहयोग
(ख) निश्चय  अनिश्चय 
(ग) शांत  अशांत 
(घ) धर्म  अधर्म 
(ङ) सहयोग  असहयोग 
(च) स्वीकार  अस्वीकार 
7. दिए गए वाक्यों के सामने काल का नाम लिखिए 
वाक्य काल
 (क) हरित का पौधा बड़ा हो गया था। भूतकाल
 (ख) हरित का पौधा नृत्य जैसी क्रिया करता है। वर्तमानकाल
 (ग) हरित पौधे के सामने गिटार बजाएगा।  भविष्यतकाल
(घ) बच्चों ने कहानी सुनी थी।  भूतकाल
(ङ) हम कल बाजार जाएँगे।  भविष्यतकाल
(च) दुकानदार फल बेच रहा है।  वर्तमानकाल
(छ) गाँव में एक कुआँ था।  भूतकाल

8. नीचे दो-दो शब्दों के जोड़े दिए गए हैं। यदि दोनों के अर्थ समान हैं
तो (स) पर और विपरीत  हैं तो (वि) पर घेरा लगाइए -
(क) कम-ज्यादा         वि 
(घ) शत्रु-मित्र          वि 
(ख) आदर सम्मान         स  
(ङ) हर्ष-प्रसन्नता          
(ग) नवीन पुरातन         वि 
(च) जन्मभूमि मातृभूमि   स 
9. पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए कोई तीन उपाय लिखिए ।
कीटनाशक दवाइयाँ डालना
खाद-पानी देना
पेड़ों को जानवरों से बचाने के लिए घेरा-बंदी करना
  • पंजाब तथा ओड़िशा के वाद्य यंत्र पर आधारित अंतर समानता आरेख या चित्र बनाइए।


10.आज की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बताइए यदि पेड़-पौधे बोल पाते तो

हमसे क्या-क्या कहते? एक अनुछेद लिखिए-

आज की विषम परिस्थितियों को देखते हुए, यदि पेड़-पौधे बोल पाते, तो वे शायद बहुत दुख और वेदना

के साथ हमसे अपनी बात कहते।

"प्रिय मनुष्य, हम प्रकृति का वह अटूट हिस्सा हैं जो तुम्हें जीवन देता है, पर आज हमारी व्यथा सुनो।

क्या तुम्हें ज्ञात है कि तुम हमें कितनी तेज़ी से काट रहे हो? हमारे जंगल सिकुड़ते जा रहे हैं और तुम

अपने 'विकास' के नाम पर हमें ज़मीन से मिटा रहे हो। हमारी साँसें, जो तुम्हारी प्राणवायु हैं—

ऑक्सीजन—वह दूषित हो रही है क्योंकि तुम वायुमंडल में धुआँ और ज़हर भर रहे हो।

हम तुम्हें छाया देते हैं, फल देते हैं, तुम्हारी धरती को टूटने से बचाते हैं, फिर भी तुम हमारी कद्र क्यों

नहीं करते? जब बाढ़ आती है या गर्मी असहनीय हो जाती है, तब तुम्हें हमारी याद आती है।

हम तुमसे भीख नहीं माँग रहे, बस इतना कह रहे हैं कि हमें जीने दो। हमें काटना बंद करो,

हमारी देखभाल करो, और इस धरती को उस हरित चादर से फिर से ढँक दो जिसे हमने सदियों से

सँभाला है। हमारा जीवन तुम्हारे जीवन से जुड़ा है—हमें बचाओ, और तुम खुद को बचा लोगे।"


वर्षा जल संचयन पर पोस्टर बनाइए

 











Tuesday, October 14, 2025

अगर न नभ में बादल होते activity

https://studio.frameworkconsulting.com/project/8070/playlist/17574/shared 

कार्यपत्रक (Worksheet): अगर न नभ में बादल होते

 

कार्यपत्रक (Worksheet): अगर न नभ में बादल होते

कक्षा: पाँचवी 

विषय: हिंदी

समय: 30 मिनट

पूर्णांक: 20

​खंड क: सही विकल्प चुनें (4 अंक)

प्रश्न 1: कविता में 'नभ' शब्द का क्या अर्थ है?

क) नदी

ख) सागर

ग) आकाश

घ) बिजली

प्रश्न 2: बादलों के न होने पर कौन ख़ुश होकर शोर नहीं मचाता?

क) चिड़िया

ख) मेंढक

ग) तोता

घ) मोर

प्रश्न 3: 'गोते' शब्द का सही अर्थ क्या है?

क) गाना

ख) डुबकी लगाना

ग) तैरना

घ) कूदना

प्रश्न 4: बादलों के न होने पर क्या चमक नहीं दिखाती?

क) दमक

ख) बिजली

ग) लहरें

घ) दुनिया

​खंड ख: एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दें (6 अंक)

प्रश्न 5: गर्मी में खूब दिन खोने का क्या अर्थ है?

उत्तर:

प्रश्न 6: पानी न होने पर नदियाँ और नहरें कैसी हो जातीं?

उत्तर:

प्रश्न 7: बादल कहाँ से जल भरकर लाते हैं?

उत्तर:

प्रश्न 8: 'टर-टर्राने' की आवाज़ कौन निकालता है?

उत्तर:

प्रश्न 9: 'झरने, सोते' किसके बिना नहीं बहते?

उत्तर:

प्रश्न 10: बादल दुनिया को क्या देते हैं?

उत्तर:

​खंड ग: विस्तृत प्रश्न (10 अंक)

प्रश्न 11: कविता के आधार पर बताइए कि अगर नभ में बादल नहीं होते तो पशु-पक्षियों पर क्या असर होता? (4 अंक)

उत्तर:

प्रश्न 12: कविता का केंद्रीय भाव (Central Idea) क्या है? इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है? (6 अंक)

उत्तर:

​उत्तर कुंजी (Answer Key)

Wednesday, October 8, 2025

अगर न नभ (भाषा अभ्यास)

   अगर न नभ में बादल होते  (भाषा अभ्यास)

1. ध्यानपूर्वक पढ़िए 
कौन सिंधु से जल भर लाता? 
उमड़-घुमड़, जग में बरसाता?
 मोर न खुश हो शोर मचाते, 
मेंढक कभी न तान सुनाते।
 सूखी होती नदियाँ-नहरें, 
होती कहीं न सुंदर लहरें। 
नहीं घटाएँ फिर घहरातीं, 
नहीं छटाएँ फिर छहरातीं। 
1.नीचे लिखे शब्दों के समान लय वाले शब्द ऊपर लिखी पंक्तियों में से छाँटकर लिखिए.
 (क) लाता - बरसाता 
ख) मचाते-  सुनाते 
(ग) नहरें -लहरें। 
 (घ) घहरातीं -छहराती
2. नीचे लिखे शब्दों के समानार्थक शब्द कविता 'अगर न नभ में बादल होते' में से ढूँढकर लिखिए
 (क) अश्रु- आँसू 
(ख) संसार - दुनिया 
(ग) नीर - जल 
 (घ) दामिनी - बिजली 
(ङ) मेघ - बादल 
(च) अम्बर - नभ 
3. निम्न वाक्यों में फलों/सब्जियों के नाम ढूँढकर लिखिए और वाक्य का काल भी बताइए
फल/सब्जी            काल
(क) वह अकेला गया था। ...... केला        भूतकाल 
(ख) अरे! सीता फल ला रही है।  सीताफल  वर्तमानकाल 
(ग) न जाने मिली चीख क्यों रही है? लीची वर्तमानकाल 
(घ) चिड़ियाघर में मरकट हल चलाएगा।  कटहल भविष्यतकाल
(ङ) कुटिया में बैठा संत राम-राम बोल रहा होगा। संतरा भविष्यतकाल
(च) नीरज भैया हम सबसे बड़े हैं।  सेब वर्तमानकाल
(छ) विष्णु! आप पीताम्बर में शोभित होते हैं। पपीता वर्तमानकाल

 4. दिए गए शब्दों के विलोम शब्द चुनकर लिखिए 
(क) विशेष - साधारण  
(ख) सुविधा =असुविधा  
(ग) शक्तिहीन = शक्तिशाली   
(घ) जय - पराजय 

5. नीचे दिए हुए शब्द-जोड़ों को पूरा कीजिए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए 
(क) उछल -कूद   (बच्चे कक्षा में उछल-कूद कर रहे हैं।)
(ख) लपक -झपक (बंदर लपक-झपक कर डाली को पकड़ लिया।
(ग) कूद -फाँद   (हिरन कूद-फाँद कर जंगल की ओर भाग गया।
(घ) उलट- पलट  (वह किताबों को उलट-पलट कर देखने लगा।

6. 'आर्मस्ट्राँग और एडविन आल्ड्रिन चाँद से पृथ्वी को देखकर खुशी से उछल पड़े। 
'खुशी से उछल पड़ना' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है - बहुत खुश होना। 
'खुशी' से जुड़े कुछ मुहावरों से वाक्य बनाइए 
(क) मन-ही-मन लड्डू फूटना - कक्षा में प्रथम आने की खबर सुनकर सुरेश के मन-ही -मन लड्डू फूटने लगा।
"सरकारी नौकरी मिलने की खबर सुनकर राम के मन-ही-मन लड्डू फूटने लगे
(ख) घी के दीए जलाना  - पुत्र के विदेश से लौटने पर परिवार वालों ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया।
  • जब मोहन को सरकारी नौकरी मिली, तो उसके पूरे परिवार ने घी के दीए जलाए

  • देश की क्रिकेट टीम जब विश्व कप जीतकर लौटी, तो पूरे देश ने घी के दीए जलाकर उनका स्वागत किया।

  • बीस साल बाद बेटा घर लौटा तो माँ ने खुशी के मारे घी के दीए जला दिए

  • कंपनी को बड़ा प्रोजेक्ट मिलने की खबर सुनते ही मालिक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर घी के दीए जलाए

  • (ग) फूला न समाना = दिवाली के दिन बच्चे फूले नहीं समाते।
  • जब रमेश ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, तो वह खुशी के मारे फूला न समाया

  • विदेश में रहने वाला बेटा दस साल बाद अचानक घर आया, तो माँ उसे देखकर फूली न समाई

  • लॉटरी जीतने की खबर मिलते ही उसके चेहरे की रौनक देखने लायक थी, वह फूला न समा रहा था


  • 7. कविता 'अगर न नभ में बादल होते' में से उचित शब्दों को छाँटकर निम्न तालिका पूर्ण कीजिए 
    युग्म-शब्द - तप-खप,चिड़िया-तोते,नदियाँ-नहरें,खेती-बारी,
    संज्ञा - सिंधु ,नभ बादल बिजली मोर मेंढक चिड़िया तोते
    सर्वनाम - कौन हम सब        
    क्रिया  - बरसाता खोते होते दिखाती सोते मचाते सनाते बोते घहरातीं छपहरातीं भिगोते आती रोते
    8. वसंत ऋतु का चित्र बनाकर उसका वर्णन कीजिए

    वसंत ऋतु: ऋतुओं का राजा 🌸

    वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह ऋतु फरवरी से मार्च के बीच आती है।

    यह सर्दी के जाने और गर्मी के आने के बीच का बहुत ही सुहावना मौसम होता है। इस मौसम में न ज़्यादा ठंड होती है

    और न ही ज़्यादा गर्मी।वसंत ऋतु आते ही प्रकृति में चारों ओर खुशी और नयापन छा जाता है। पेड़ों पर नई कोपलें और हरी पत्तियाँ आने

    लगती हैं। बागों और मैदानों में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं, जैसे गुलाब, गेंदा और सरसों के पीले फूल।

    फूलों पर तितलियाँ मँडराती हैं और भँवरे गुंजन करते हैं।इस ऋतु में कोयल की मीठी बोली सुनाई देती है और पक्षी चहचहाते हैं। खेतों में सरसों के पीले फूल दूर तक फैले

    दिखाई देते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। वसंत पंचमी का त्योहार इसी ऋतु में मनाया जाता है, जब हम सरस्वती माँ की

    पूजा करते हैं।वसंत ऋतु हमें उमंग, उत्साह और आशा का संदेश देती है। यह ऋतु हमें प्रकृति के करीब आने और उसकी

    सुंदरता का आनंद लेने का मौका देती है।



    Activity लौह पुरुष पेज 13 शब्दार्थ

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