प्रिय पौधा माधुरी
शब्दार्थ:
अधिकांश- अधिकतर
अनुपस्थिति- गैरहाज़िरी
पीठ थपथपाना- शाबासी देना
दृष्टि- नजर
वैज्ञानिक- विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाला
स्पर्श- छूना
पुरस्कार- ईनाम
विश्वास- भरोसा
आयोजक- प्रबंध करने वाला
सर्वश्रेष्ठ- सबसे अच्छा
प्रदर्शनी - नुमाइश,विश्वास - यकीन,
अवश्य -अनिवार्य,
पुरस्कार - इनाम,
परेशान - व्याकुल ,
ज़रूर - अवश्य
मौहल्ले - महल्ला,
आयोजक -आयोजन करने वाला ,
सर्वश्रेष्ठ - सर्वोत्तम,
वनस्पति -पेड़, पौधे, लताएँ
विद्यार्थी - छात्र ।
प्रिय पौधा माधुरी Q/A
1.हरित पौधों की देखभाल किस प्रकार की?
हरित पौधों की देखभाल बहुत लगन से की। वह समय पर पौधों को खाद-पानी देता ।
गरमी,सरदी और तेज़ धूप से उनकी रक्षा करता था।
2. ताई ने हरित को पौधों के विषय में क्या जानकारी दी?
ताई ने हरित को पौधों के बारे में यह बताया कि
पेड़-पौधों में भी मनुष्य के समान जीवन है। वह भी मनुष्य की तरह स्पर्श इत्यादि का अनुभव करते हैं और
उनमें भी सुनने की शक्ति होती है।
3.हरित क्यों उदास दिखाई दे रहा था?
3.हरित क्यों उदास दिखाई दे रहा था?
हरित उदास दिखाई दे रहा था क्योंकि उसका प्रिय
पौधा उसे दिखाई नहीं दिया। किसी ने उसे चुरा लिया था,
जिसे वह पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित करने वाला था।
4.ताई ने हरित को क्या समझाया?
ताई ने हरित को समझाया कि जिसने भी पौधा चुराया है वह उसे पुष्प प्रदर्शनी में ज़रूर लेकर
आएगा हम उसे वहाँ पकड़ लेंगे।
5.वाक्य पूरे करो-
क) हरित अपनी ताई को ----------- के विषय में सुझाव देने लगा।
ख) पौधों ने ------------- जैसी क्रिया की।
ग) पेड़-पौधे भी मनुष्य की भाँति ---------- इत्यादि का अनुभव करते हैं।
घ) नींद में हरित -------------- पाने का सपना देखता रहा।
उत्तर-
क. पेड़-पौधों ख. नृत्य ग. स्पर्श घ. पुरस्कार
बातचीत के लिए
1.आप कैसे कह सकते हैं कि पेड़-पौधों में भी जीवन है?
पेड़-पौधों में जीवन है, इसे वैज्ञानिक के प्रमाणों से कहा जा सकता है।
भारतीय वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बोस ने क्रेस्कोग्राफ नामक उपकरण का
आविष्कार करके 1901 में यह सिद्ध किया था कि पौधे भी जानवरों की तरह संवेदनशील होते हैं
और दर्द तथा खुशी को महसूस कर सकते हैं।
पौधे भी मनुष्यों और जानवरों की तरह साँस लेते हैं।
पौधे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।उदाहरण के लिए, सूरजमुखी का फूल सूर्य की दिशा में घूमता है।छुई-मुई (Mimosa pudica) के पत्तों को छूने पर वे सिकुड़ जाते हैं, जो यह दर्शाता है कि वे स्पर्श के प्रति संवेदनशील होते हैं।
2.यदि हरित का प्रिय पौधा नहीं मिलता तो क्या होता?
उत्तर - हरित बहुत उदास हो जाता । उसे किसी काम में मन नहीं लगता।
वह 'पुष्प प्रदर्शनी' में भाग नहीं ले पाता और उसे 'सर्वश्रेष्ठ पौधे' का पुरस्कार नहीं मिल पाता।
यदि पौधा नहीं मिलता, तो उसकी यह विशेष क्रिया आयोजकों या जनता के सामने सिद्ध नहीं हो पाती।
यदि पौधा नहीं मिलता, तो हरित की सारी मेहनत व्यर्थ हो जाती, उसका पुरस्कार पाना का सपना टूट जाता और चोर पकड़ा नहीं जाता।
भाषा की बात
1.'र' व्यंजन में जब 'उ' और 'ऊ' की मात्राएँ लगती हैं, तो उनके रूप में थोड़ा अंतर होता है।
रु (र + उ) - यह छोटी 'उ' की मात्रा है, उच्चारण में कम समय लगता है।
रू (र + ऊ) - यह बड़ी 'ऊ' की मात्रा है, उच्चारण में अधिक समय लगता है।
यहाँ 'रु' और 'रू' से बनने वाले कुछ शब्द दिए गए हैं:
१. रु (छोटी 'उ' की मात्रा) से बनने वाले शब्द
रुपया रुचि रुकना रुई रुमाल रुझान गुरु पुरुष शुरुआत मरुभूमि
२. रू (बड़ी 'ऊ' की मात्रा) से बनने वाले शब्द
रूप रूठना रूखा रूस रूपवान अमरूद डमरू स्वरूप अनुरूप
2. जो शब्दांश किसी मूल शब्द के आगे जुड़कर नया शब्द बनाते हैं और अर्थ में परिवर्तन कर
देते हैं उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
जैसे - वि + नम्न = विनम्न
प्र+ दर्शनी=
प्र+ दर्शित=
प्र + आरंभ=
प्रति+ दिन=
प्रति+ वर्ष=
वि+ शेष=
वि + ज्ञान=
अन+ एक=
अन + उप+ स्थिति=
आ योजक=
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