Saturday, January 28, 2023

Marking Scheme for Annual Exam (2022-23)

                                             Marking Scheme for Annual Exam (2022-23)

DAV PUBLIC SCHOOLS, BHUBANESWAR  

CLASS – V

 SUBJECT - (HIGHER HINDI)



                            खंड-क (पठन-8अंक)


1.

अपठित गद्यांश-(100 से 120 शब्दों में)               

(4x1=4)

2.

अपठित पद्यांश-इसमें छःसे आठ पंक्तियाँ दी जाएँगी।   

(4x1=4)


खंड -ख(लेखन -10 अंक)


3.

अनुच्छेद लेखन -                                                  

(1x5=5)

4.

पत्रलेखन-                                      

(1x5=5)


खंड-ग (व्याकरण -15 अंक)



ANNUAL EXAM






5

वचन (MCQ)                     2 अंक

6

वाक्यांशों के लिए एक शब्द 

(MCQ)                 3 अंक

7

विशेषण                            2 अंक

8

क्रिया के भेद                     2 अंक

9

कारक (MCQ)                   2 अंक

10

मुहावरों के अर्थ                 2 अंक

11

पर्यायवाची (MCQ)            2 अंक




खंड-घ (पाठ्यपुस्तक-17 अंक)


12

कविता से लघु उत्तरीय प्रश्न  

                                      

(3X1=3)

13

गद्य पाठ से लघु उत्तरीय प्रश्न  -                                        


(4x2=8)

14

खाली स्थान भरिए । (भाषा माधुरी से)                                   

(3x1=3)

15

मूल्य परक प्रश्न                                                      


(1x3=3)

Thursday, January 19, 2023

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-माधुरी quizizz.

https://quizizz.com/embed/quiz/5ff7c1f5c01239001b3142e9 


कोशिश करने वालों की - माधुरी

  कोशिश करने वालों की - माधुरी

कविता में से

1.कैसा व्यक्ति कभी हार नहीं सकता?

कोशिश करने वाला व्यक्ति कभी हार नहीं सकता।

2.नन्हीं चींटी से मनुष्य क्या सीख सकता है?

नन्हीं चींटी से मनुष्य यह सीख सकता है कि बार-बार असफल होने पर उसे कभी भी निराश नहीं होना चाहिए।

3.सफलता प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?

सफलता प्राप्त करने के लिए मन का विश्वास,उत्साह और संघर्ष आदि गुण आवश्यक है।

4. गोताखोर कब सफल होता है?

सिंधु में बार-बार डुबकियाँ लगाने पर गोताखोर सफल होता है। 

Thursday, January 12, 2023

बेट्टिना का साहस -माधुरी Q/A

 बेट्टिना का साहस -माधुरी Q/A 

1. किन शब्दों ने बेट्टिना  की सोचने की दिशा बदल दी?

तुम्हारा नया जीवन एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। सेविका के इन शब्दों ने बेट्टिना  के सोचने की दिशा बदल दी।

2. बिस्तर पर पड़े पड़े बेट्टिना की आँखों से आँसू क्यों बहने लगे?

दुर्घटना के बाद बेट्टिना को लगा कि वह अब कभी नृत्य नहीं कर पाएगी। यह सोचकर उसकी आँखों से बेबसी के  आँसू बहने लगे।

3. बेट्टिना  सफलता के शिखर पर फिर से किस प्रकार पहुँची?

दृढ़ संकल्प,कठोर साधना और निरंतर प्रयास के कारण बेट्टिना सफलता के शिखर पर फिर से पहुँची ।

4. नृत्य के बिना बेट्टिना   का जीवन अधूरा था कैसे?

    नृत्य बेट्टिना  के शौक और आय दोनों के साधन थे। इसलिए इसके बिना  उसका   जीवन अधूरा था।

5.क)बेट्टिना  लगभग कितने मीटर ऊपर उछली?

तीन

ख) टेरेंस लेविस कौन थे?

चिकित्सक

ग) बेट्टिना के माता-पिता उसे मालिश के लिए कहां लेकर जाते थे?

तरण-ताल

6.क)बेट्टिना ------------- मैं प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।

नृत्य- नाटिकाओं

ख) शिक्षक बेरी उसकी-------------- और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।

प्रतिभा

ग) अधिक दवाओं के कारण उसके --------------- मैं खराबी आ गई।

गुर्दों

भाषा की बात

1. विशेषण        विशेष्य

विकट             परिस्थिति

गहरी             चोट 

भयानक        दुर्घटना

दृढ़                 संकल्प 

भयंकर             पीड़ा

2. र का प्रयोग कीजिए-

दुर्घटना सुप्रसिद्ध सामग्री पर्व प्रयास दर्द वर्ष गुर्दों केंद्र प्रकार

Thursday, January 5, 2023

स्वामी दयानंद सरस्वती (अनुच्छेद )

 स्वामी दयानंद सरस्वती (अनुच्छेद )


स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म सन् 1824 ई. को गुजरात टंकरा नामक स्थान पर हुआ था । स्वामी जी का बचपन का नाम मूल शंकर था । स्वामी जी ने अपनी प्रारभिक शिक्षा संस्कृत भाषा में ग्रहण की। उस समय भारत विदेशी शासन के अधीन था ।समाज में फैली  कुरीतियों एवं अंधविश्वास को देखकर उनका मन विचलित हो जाता था । स्वामी जी ने 21 वर्ष की आयु में ही अपने घर-परिवार को छोड़कर वैराग्य धारण कर लिया । इसी दौरान मथुरा में सन्त विरजानंद जी से इनकी मुलाकात हुई । स्वामी दयानंद उन्हें अपना गुरु मान लिया। उन्होंने समस्त वेदों व उपनिषदों का अध्ययन किया । अपने देश-भ्रमण के दौरान ही उन्होंने आर्य-समाज की स्थापना की। उनमें देश-प्रेम व राष्ट्रीय भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी।समाज में व्याप्त बाल-विवाह जैसी कुरीतियों का उन्होंने खुले शब्दों में विरोध किया।स्वामी दयानंद सरस्वती जी को अपनी मातृभाषा हिंदी से विशेष लगाव था।उनका संपूर्ण जीवन तप और साधना पर आधारित था। उन्हें राष्ट्र कभी भी भूला नहीं पाएगा।


राष्ट्रीय ध्वज / हमारा झंडा

 राष्ट्रीय ध्वज / हमारा झंडा 

हमारा राष्ट्रीय झंडा तिरंगा है। यह हमारे देश की शान है। इसके तीन रंग अपनी-अपनी कहानी कहते हैं। तिरंगा हमें वीरता, शांति और समृद्धि का संदेश देता है।झंडे का केसरिया रंग वीरता का प्रतीक है और सफ़ेद रंग हमें शांति का संदेश देता है। हरा रंग हमारे खेतों की खुशहाली के गीत गाता है। झंडे के बीच अशोक का धर्म चक्र बना है।  हमारा देश शांति में विश्वास रखता है। हमारा देश खेती प्रधान है। यहाँ किसान मेहनत करके धरती में अनाज उत्पन्न (पैदा) करते हैं।हमारे देश में हर धर्म और जाति के लोग प्रेम से रहते हैं। सब मिलजुल कर देश की उन्नति के लिए काम करते हैं। तिरंगा झंडा हमारे देश की शान है। हम सब इसका आदर करते हैं। 


Activity लौह पुरुष पेज 13 शब्दार्थ

https://studio.frameworkconsulting.com/activity/99511/shared