Tuesday, December 30, 2025

पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-

 प्रश्न 10.

पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-
उत्तर:

डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, भुवनेश्वर
दिनांक 31/12/20XX
आदरणीय दादाजी
सादर चरण स्पर्श।

मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करती हूँ कि आप भी वहाँ ठीक होंगे। दादाजी, आज मैं बेट्टिना की सफलता के बारे में बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूँ। बेट्टिना उन्नीस वर्ष की एक लड़की है। जिसके लिए नृत्य शौक और आय दोनों के साधन हैं। एक बार वह भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। वह जीवित बच तो जाती है किंतु उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। एक बार उसकी एक सेविका ने उसे प्यार से समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसकी इन बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी। वह हिम्मत जुटाकर लगातार प्रयास करती रही। उसके इसी प्रयास ने उसे उस मोड़ पर पहुँचा दिया जहाँ वह दुर्घटना से पहले थी। घर में सभी बड़ों को प्रणाम तथा छोटों को प्यार।

आपकी प्यारी पोती
सुमन।

Sunday, December 28, 2025

Bettina का साहस माधुरी

 

Bettina का साहस

पाठ में से (पृष्ठ संख्या – 102 )

प्रश्न 1.किन शब्दों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी?
उत्तर:“तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। ”बेट्टिना की एक सेविका के इन शब्दों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी।

प्रश्न 2.बिस्तर पर पड़े पड़े बेट्टिना की आँखों से आँसू क्यों बहने लगते थे?
उत्तर:दुर्घटना के बाद बेट्टिना को लगता था कि वह अब कभी नृत्य नहीं कर पाएगी। इसी बात को सोचकर बिस्तर पर पड़े पड़े उसकी आँखों से आँसू बहने लगते थे।

प्रश्न 3.बेट्टिना सफलता के शिखर पर फिर से किस प्रकार पहुँची ?
उत्तर:दृढ़ संकल्प,कठोर साधना और निरंतर प्रयास के कारण बेट्टिना सफलता के शिखर पर पहुँची ।

प्रश्न 4.नृत्य के बिना बेट्टिना का जीवन अधूरा था। कैसे?
उत्तर:नृत्यु बेट्टिना के शौक और आय दोनों के साधन थे। इसलिए इसके बिना उसका जीवन अधूरा था।

प्रश्न 5.
उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए-
(क) बेट्टिना लगभग कितने मीटर ऊपर उछली?
(a) तीन(b) पाँच(c) आठ
उत्तर:तीन

(ख) टेरेंस लेविस कौन थे?

(a) अध्यापक(b) नर्तक(c) चिकित्सक
उत्तर:(c) चिकित्सक

(ग) बेट्टिना के माता-पिता उसे मालिश के लिए कहाँ ले जाते थे?
(a) अस्पताल(b) तरण ताल(c) सिनेमा हाल
उत्तर:(b) तरण ताल

प्रश्न 6.

रिक्त स्थान भरकर वाक्य पूरे कीजिए।
(क) बेट्टिना _____ में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।
(ख) शिक्षक बैरी उसकी _____ और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।
(ग) अधिक दवाओं के कारण उसके ______ में खराबी आ गई।
उत्तर:
(क) बेट्टिना नृत्य नाटिकाओं में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।
(ख) शिक्षक बैरी उसकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।

(ग) अधिक दवाओं के कारण उसके गुर्दों। में खराबी आ गई।

Thursday, December 25, 2025

केशिश करने-: शब्दावली परीक्षण

https://forms.gle/MTF9PPR8ieD4ivzCA 

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती - माधुरी

     कोशिश करने वालों की हार नहीं होती - माधुरी

कविता में से

1.कैसा व्यक्ति कभी हार नहीं सकता?

लगातार कोशिश करने वाला व्यक्ति कभी हार नहीं सकता।

2.नन्हीं चींटी से मनुष्य क्या सीख सकता है?

नन्हीं चींटी से मनुष्य यह सीख सकता है कि बार-बार असफल

होने पर उसे कभी भी निराश नहीं होना चाहिए।

3.सफलता प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?

सफलता प्राप्त करने के लिए मन का विश्वास,उत्साह और संघर्ष आदि गुण आवश्यक है।

4. गोताखोर कब सफल होता है?

सिंधु में बार-बार डुबकियाँ लगाने पर गोताखोर सफल होता है। 

भाषा की बात

1.समान अर्थ वाले शब्दों का मिलान कीजिए

कोशिश -- प्रयास, नौका ---नाव, मोती --- माणिक, रगों--- नसों

2.कविता में संयुक्त व्यंजनों का प्रयोग हुआ है-

विश्वास,स्वीकार,त्याग,उत्साह,मुट्ठी

3.चार-चार शब्द लिखिए-

संज्ञा -- नौका,चींटी,पानी,मोती,मैदान,गोताखोर,दाना,सिंधु

सर्वनाम - तुम ,इसी, उसकी,कुछ

क्रिया -- फिसलती है,चलती है,अखरता है,लगता है,भरता है,डर,मिलते,

विशेषण -- गहरे ,नन्हीं,दूना,खाली

कोशिश करने वालों की --कठिन शब्दों के अर्थ

 कठिन शब्दों के अर्थ** 


1. **सिंधु:- समुद्र

2. **संघर्ष:- युद्ध या कठिन परिस्थितियों से लड़ना है।

3. **नौका:- नाव 

4. **सहज: -आसानी से या सरलता से मिलना।

5. **साहस: - हिम्मत  या मन का वह बल है जो चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देता है।

6. **अखरना: - बुरा लगना 

7. **गोताखोर:-- वह व्यक्ति जो पानी में डुबकी लगाता है।

8. **उत्साह: - जोश या उमंग है।

9. **चुनौती:- ललकार

10. **त्यागना:  - छोड़ना

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती विडियो

 कोशिश करने वालों की हार नहीं होती विडियो   

https://youtu.be/F8SYIhMM8RA


https://www.youtube.com/watch?v=BPpqEW31sMg

बेट्टिना- शब्दावली परीक्षण:

https://forms.gle/AUURJkaFnm3xupf59 

Wednesday, December 24, 2025

बेट्टिना का साहस -भाषा अभ्यास

  1. संयुक्त  अक्षर वाले शब्द 

स्त- अस्त बिस्तर मस्ती

त्य - नृत्य मृत्यु  सत्य प्रत्येक

क्स -अक्सर बक्सर बक्सा   

ल्प -संकल्प  अल्प  विकल्प प्रकल्प 

2.वचन बदलो -

शुभकामना -शुभकामनाएँ  

ताली - तालियाँ

खिड़की  - खिड़कियाँ

शंका - शंकाएँ

चिंता - चिंताएँ

स्त्री - स्त्रियाँ

3.नीचे दिए गए दो वर्गों के  शब्दों को जोड़कर सार्थक शब्द बनाइए-

जन्म + भूमी = जन्मभूमि

कर्म + वीर = कर्मवीर

पाठ्य + पुस्तक = पाठ्यपुस्तक

चाल + चलन = चाल-चलन

कक्षा + कक्ष = कक्षाकक्ष

सेना + पति = सेनापति

रसोई +  घर = रसोईघर

पान + दान = पानदान

4..अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए-

आविष्कार करने वाला  - आविष्कारक

जहाँ छपाई होती है - छापाखाना

जो साथ घर में रहे - पड़ोसी

साथ पढ़ने वाला- सहपाठी

जो समाचार संबंधी काम करे - पत्रकार

रूई इससे बनती है - कपास

लोगों में प्रिय - लोकप्रिय

5.संज्ञा से विशेषण शब्द बनाइए-

भाग्य - भाग्यशाली

शक्ति - शक्तिशाली

गौरव - गौरवशाली

प्रतिभा - प्रतिभाशाली

प्रभाव - प्रभावशाली

बल - बलशाली

6.श्रुति सम भिन्नार्थक शब्द-

क) दिन- दिवस  ( आज का दिन आपके लिए मंगलमय हो।

दीन - गरीब  ( हमें दीन-दुखियों की मदद करनी चाहिए।

ख) शाम - संध्या ,सायं ( पक्षी शाम को अपने घोंसले को लौट आते हैं।

श्याम - काला ( कृष्ण का रंग श्याम है।

7.उपयुक्त लोकोक्ति को छाँटकर लिखिए-

क) रवि पिताजी के साथ सब्ज़ी खरीदने गया। उसे एक अंकल  मिले और उसे चॉकलेट दी।

उत्तर - अंधा क्या चाहे दो आँखें

ख) मुकेश कक्षा में विडियो गेम खेलता था। कुछ समय बाद सभी बच्चे वीडियो गेम खेलने लगे  और पढ़ना भूल गए।

उत्तर - एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है।

ग) रश्मि को थोड़ा-सा कंप्यूटर आता है लेकिन पड़ोस के बाकी बच्चे कंप्यूटर के बारे में कुछ नहीं जानते।

उत्तर- अंधों में काना राजा

घ) दिनेश और सुहेल दोनों ही बहुत शरारती हैं।

उत्तर - दोनों  एक ही थाली के चट्टे -बट्टे हैं।

9. नीचे दिए गए शब्दों में दार प्रत्यय जोड़कर नया शब्द बनाइए-

मूल शब्द  प्रत्यय  नया शब्द                अर्थ 

इज्ज़त + दार  = इज्ज़तदार          इज्ज़त वाला

मज़े + दार  =  मज़ेदार              मज़ा मिलने वाला

चौकी + दार   = चौकीदार       पहरेदारी करने वाला

चमक + दार  = चमकदार          चमकीला

हवा + दार  = हवादार                 जिसमें हवा आती जाती हो

माल + दार  = मालदार               धनवान , धनी

प्रश्न 8.
नीचे दी गई लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
(क) आसमान से गिरा खजूर पर अटका =
(ख) खोदा पहाड़ निकली चुहिया =
(ग) अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत =
उत्तर:
(क) राम एक मुसीबत से निकलकर दूसरी मुसीबत में फँस गया इसे कहते हैं आसमान से गिरा खजूर पर लटका।
(ख) पढ़ाई में अत्यधिक परिश्रम करने के बाद भी उसे बहुत कम अंक प्राप्त हुए। इसे कहते हैं खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
(ग) उचित वक्त पर रमेश काम नहीं किया अब वह पश्चाताप कर रहा है। इसे कहते हैं। अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
प्रश्न 9.
‘कड़क’ में दार शब्दांश ‘कड़कदार’ शब्द बना है। इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों में ‘बार’ जोड़कर नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ भी लिखिए-
उत्तर:
10. पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-
उत्तर:
डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, दिल्ली
दिनांक 25/12/20XX
आदरणीय दादाजी
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करती हूँ कि आप भी वहाँ ठीक होंगे। दादाजी, आज मैं बेट्टिना की सफलता के बारे में बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूँ। बेट्टिना उन्नीस वर्ष की एक लड़की है। जिसके लिए नृत्य शौक और आय दोनों के साधन हैं। एक बार वह भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। वह जीवित बच तो जाती है किंतु उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। एक बार उसकी एक सेविका ने उसे प्यार से समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसकी इन बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी। वह हिम्मत जुटाकर लगातार प्रयास करती रही। उसके इसी प्रयास ने उसे उस मोड़ पर पहुँचा दिया जहाँ वह दुर्घटना से पहले थी। घर में सभी बड़ों को प्रणाम तथा छोटों को प्यार।
आपकी पोती
मधुबाला।


Tuesday, December 23, 2025

बेट्टिना का साहस - भाषा अभ्यास क्विज

https://forms.gle/ot2bWWRfv4DkXLzo8 

मुहावरे -अमोलिका

 16

मुहावरे (Idioms)

मुहावरा एक ऐसा वाक्यांश होता है, जो अपना विशेष अर्थ प्रकट करता है। यह भाषा को रोचक और प्रभावशाली बनाता है; जैसे- आँखों का तारा- बहुत प्यारा।

1. अंग-अंग ढीला होना- बहुत थक जाना

वाक्य- दिनभर काम करने से मेरा अंग-अंग ढीला हो गया है।

2. अँगूठा दिखाना- साफ़ इनकार करना

वाक्य- मैंने जब राम से उधार दिए हुए रुपए माँगे, तो उसने अँगूठा दिखा दिया।

3. अक्ल पर पत्थर पड़ना- छोटी-सी बात भी न समझना

वाक्य- आप इतनी छोटी-सी बात भी नहीं समझ सके, क्या आपकी अक्ल पर पत्थर पड़ गए हैं।

4. ईद का चाँद होना- बहुत समय के बाद मिलना

वाक्य- माधवन! कहाँ थे? तुम तो ईद के चाँद हो गए हो।

5. आग-बबूला होना- क्रोध में आना

वाक्य- नरेंद्र मेरी बात को सुनते ही आग-बबूला होने लगता है।

6. चार चाँद लगाना- शोभा बढ़ाना

वाक्य- प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यक्तित्व में चार चाँद लगाना चाहता है।

7. कमर कसना - तैयार करना

वाक्य- सचिन की परीक्षा निकट आ रही थी, उसने पहले से ही कमर कस ली थी।

8. फूला न समाना- बहुत प्रसन्न होना

वाक्य- उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी परिणाम सुनकर फूले नहीं समाते ।

9. छक्के छुड़ाना- बुरी तरह हराना

वाक्य- कारगिल में भारतीय वीरों ने पाक सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे।

47


बेट्टिना का साहस भाषा अभ्यास

 
 
अस्पताल के बिस्तर पर लेटे-लेटे वह छत को निहारती और सोचती कि शायद अब वह कभी नृत्य नहीं कर पाएगी। अक्सर उसके मन में यह विचार आता कि संकल्प और अभ्यास से एक दिन फिर वह पहले की तरह नृत्य नाटिकाओं में नृत्य कर पाएगी।
प्रश्न 1.
ऊपर दी पंक्तियों में से संयुक्त अक्षर वाले शब्द छाँटकर लिखिए और दो अन्य शब्द लिखिए-
स्त – ___, ____, ____
त्य – ___, ____, ___
क्स – ___, ____, ___
ल्प – ___, ____, ___
उत्तर:
स्त – बिस्तर, स्तर, अस्त,सस्ता,मस्त
त्य – त्याग, सत्य, मार्ग नृत्य,प्रत्येक
क्स – अक्सर बक्सर, बक्सा, टैक्सी
ल्प – संकल्प, अल्प, विकल्प कल्पना।
प्रश्न 2.
नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
(क) शुभकामनाए = ______
(ख) ताली = ______
(ग) खिड़की = ______
(घ) शंका = ______
(ङ) चिंता = ______
(च) स्त्री = ______
उत्तर:
(क) शुभकामनाए = शुभकामनाएँ
(ख) ताली = तालियाँ
(ग) खिड़की = खिड़कियाँ
(घ) शंका = शंकाएँ
(ङ) चिंता = चिंताएँ
(च) स्त्री = स्त्रियाँ
प्रश्न 3.
नीचे दो वर्गों के शब्दों को जोड़कर सार्थक शब्द बनाइए-
जैसे- कक्षा + कक्ष = कक्षाकक्ष
उत्तर:
जन्म + भूमि = जन्मभूमि
कर्म + वीर = कर्मवीर
पाठ्य + पुस्तक = पाठ्यपुस्तक
चाल + चलन = चालचलन
कक्षा + कक्ष = कक्षाकक्ष
सेना + पति = सेनापति
रसोई + घर = रसोईघर
पान + दान = पानदान
प्रश्न 4.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ढूँढकर लिखिए-
(क) आविष्कार करने वाला – _____
(ख) जहाँ छपाई होती है – _____
(ग) जो साथ घर में रहे – _____
(घ) साथ पढ़ने वाला – _____
(ङ) जो समाचार संबंधी काम करे – _____
(च) रूई इससे बनती है। – _____
(छ) लोगों का प्रिय – _____
उत्तर:
(क) आविष्कारक
(ख) छापाखाना
(ग) पड़ोसी
(घ) सहपाठी
(ङ) पत्रकार
(च) कपास
(छ) लोकप्रिय
प्रश्न 5.
उदाहरण को समझकर संज्ञा से विशेषण बनाइए-
(क) भाग्य = भाग्यशाली
(ख) शक्ति = ______
(ग) गौरव = ______
(घ) प्रतिभा = ______
(ङ) प्रभाव = ______
(च) बल = ______
उत्तर:
(क) भाग्य = भाग्यशाली
(ख) शक्ति = शक्तिशाली
(ग) गौरव = गौरवशाली
(घ) प्रतिभा = प्रतिभावान
(ङ) प्रभाव = बलशाली
(च) बल = प्रभावशाली
आप देखेंगे कि ‘शाली’ प्रत्यय लगने से सभी संज्ञा शब्द विशेषण बन गए।
प्रश्न 6.
नीचे दिए गए शब्दों का लगभग समान रूप से उच्चारण होता है परंतु दोनों के अर्थ भिन्न होते हैं। ऐसे शब्दों को ‘श्रुति समभिन्नार्थक शब्दों’ के नाम से जानते हैं, जैसे-
(क) दिन – दिवस
दीन – गरीब
(ख) शाम – सायं
श्याम – काला
इन शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-
उत्तर:
(क) दिन – आज का दिन शुभ है।
दिवस – आज बाल दिवस है।
दीन-दीन पर दया करनी चाहिए।
गरीब – रामू गरीब है।
(ख) शाम – शाम को बच्चे मैदान में खेलते हैं।
सायं – हम सायंकाल आरती करते हैं।
श्याम – कृष्ण श्याम वर्ण के थे।
काला – बाल काला है।
प्रश्न 7.
नीचे दी गई स्थितियों के लिए उपयुक्त लोकोक्ति को छाँटकर लिखिए-
एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है, एक ही थाली के चट्टे-बट्टे, अंधा क्या चाहे दो आँखें, अंधों में काना राजा
(क) रवि पिताजी के साथ सब्जी खरीदने बाज़ार गया। वहाँ उसे एक अंकल मिले और उसे चॉकलेट दी।
उत्तर:
अंधा क्या चाहे दो आँखें।
(ख) मुकेश कक्षा में वीडियो गेम खेलता था। कुछ समय बाद सभी बच्चे वीडियो गेम खेलने लगे और पढ़ना भूल गए।
उत्तर:
एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है।
(ग) रश्मि को थोड़ा-सा कंप्यूटर आता है लेकिन पड़ोस के बाकी बच्चे कंप्यूटर के बारे में कुछ नहीं जानते।
उत्तर:
अंधों में काना राजा।
(घ) दिनेश और सुहेल दोनों ही बहुत शरारती हैं।
उत्तर:
एक ही थाली के चट्टे-बट्टे
प्रश्न 8.
नीचे दी गई लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
(क) आसमान से गिरा खजूर पर अटका =
(ख) खोदा पहाड़ निकली चुहिया =
(ग) अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत =
उत्तर:
(क) राम एक मुसीबत से निकलकर दूसरी मुसीबत में फँस गया इसे कहते हैं आसमान से गिरा खजूर पर लटका।
(ख) पढ़ाई में अत्यधिक परिश्रम करने के बाद भी उसे बहुत कम अंक प्राप्त हुए। इसे कहते हैं खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
(ग) उचित वक्त पर रमेश काम नहीं किया अब वह पश्चाताप कर रहा है। इसे कहते हैं। अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
प्रश्न 9.
‘कड़क’ में दार शब्दांश ‘कड़कदार’ शब्द बना है। इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों में ‘बार’ जोड़कर नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ भी लिखिए-
उत्तर:
10. पत्र लिखकर अपने नानाजी / दादाजी को बताइए कि बेट्टिना किस प्रकार फिर से सफलता प्राप्त कर सकी-
उत्तर:
डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, दिल्ली
दिनांक 25/12/20XX
आदरणीय दादाजी
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ ठीक हूँ। आशा करती हूँ कि आप भी वहाँ ठीक होंगे। दादाजी, आज मैं बेट्टिना की सफलता के बारे में बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूँ। बेट्टिना उन्नीस वर्ष की एक लड़की है। जिसके लिए नृत्य शौक और आय दोनों के साधन हैं। एक बार वह भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। वह जीवित बच तो जाती है किंतु उसका शरीर किसी काम का नहीं रह जाता है। एक बार उसकी एक सेविका ने उसे प्यार से समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसकी इन बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी। वह हिम्मत जुटाकर लगातार प्रयास करती रही। उसके इसी प्रयास ने उसे उस मोड़ पर पहुँचा दिया जहाँ वह दुर्घटना से पहले थी। घर में सभी बड़ों को प्रणाम तथा छोटों को प्यार।
आपकी पोती
मधुबाला।


Sunday, December 14, 2025

हार की जीत - भाषा अभ्यास

  हार की जीत - भाषा अभ्यास

 1. नीचे दिए गए शब्दों के लिए तीन तीन विशेषताएँ लिखिए-

क) बाबा भारती - , परोपकारी दयालु, ईमानदार, बूढ़े

ख) घोड़ा-, सुंदर, बाँका सफेद फुर्तीला

ग ) खड़्गसिंह - निर्दयी   दुष्ट    कपटी  धोखेबाज

घ) अस्तबल -   बड़ा , साफ-सुथरा  , सुंदर

2.  अधिकरण कारक के   चिन्ह - में,  पर

बाब भारती मंदिर में रहते थे ।

बाबा भारती सुल्तान पर सवार होकर घूमने जा रहे थे।

3. अधिकरण कारक चिन्ह पर गिरा लगाइए-

बच्चे झूले पर चढ़ गए।

दादा जी ने अपना चश्मा मेज पर रखा।

डिब्बे में लड्डू रखे थे।

हॉल में बहुत लोग थे।

4.सही कारक चिन्ह से वाक्य पूरा कीजिए-

सड़क पर कारें आ- जा रही थी।

चीटियाँ डिब्बे में घुस गई।

उसके सिर पर टोपी थी।

मेरे हाथ में खुजली होने लगी।

5. संबंध कारक चिन्ह - का,के ,की

इस कँगले की भी सुनते जाना।

 मैं यह घोड़ा आपके पास रहने नहीं दूँगा 

उनके शब्द खड़्ग सिंह के कानों में गूँज रहे थे।

खड़्ग  सिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया।

 अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठ गया।

6. संबंध कारक चिन्ह पर गिरा लगाइए-

मैंने शालू की किताब नहीं ली। 

उसने लोहे का गोला फेंका।

 चोरों के सरदार को पकड़ लिया गया।

 उनके घर आग लग गई।

7. उचित कारक चिन्ह से वाक्य पूरा कीजिए- का,के ,की

माँ ने चावल की खीर बनाई है।

कुत्ते की पूँछ टेढ़ी ही रहती है।

फूलों की डालियांँ झुक गईं।

बच्चों की किताबें रख दो।

मटर के दाने निकालो।

मदन का भाई आया है।

8. विलोम शब्द लिखिए-

संतोष- असंतोष

प्रशंसा- निंदा

अधीर-धीर

असावधान- सावधान

9. दो- दो पर्यायवाची शब्द लिखिए-

वन - कानन, अरण्य

घोड़ा- अश्व , घोटक

अँधेरा - तम, अंधकार

माँ - जननी, माता

10. सही शब्द चुनिए-

क) सध्या संध्या संधया

ख) करुणा करूणा करुना

ग) अपाहिज आपाहिज  अपाहीज

घ) उन्होंने उन्होने उनहोंने

उत्तर - संध्या  करुणा अपाहिज उन्होंने

11. मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए-

क) हृदय पर साँप लोटना - अर्थ - ईर्ष्या करना

वाक्य- मेरी नई साइकिल देखकर उसके हृदय पर साँप लोटने लगा।

ख) मुँह मोड़ लेना - अर्थ-उपेक्षा करना,विमुख होना,

जो मित्र जरूरत के वक़्त अपना मुँह मोड़ ले वो सच्चा मित्र नहीं होता ।

ग) हवा से बातें करना - तेज गति से भागना

उसका घोड़ा हवा से बातें करने लगा।

12.“मान  लीजिए आपका कलर- बक्स कोई ले जाता है ।अपने कलर- बक्स के खो जाने की सूचना आप कैसे देंगे? एक सूचना बनाईए-

सूचना :

प्रिय सहपाठी गण,

मुझे खेद के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरा कलर बॉक्स (जिसका वर्णन निम्नलिखित है: रंग-लाल, आकार-बड़ा, और ब्रांड-नटराज) किसी बच्चे द्वारा गलती से या जान-बूझकर लेे लिया गया है। यदि किसी को इस बारे में कोई जानकारी मिले या कलर बॉक्स वापस मिल जाए, तो कृपया मुझे तुरंत सूचित करें।

धन्यवाद!

आपका मित्र

सुमित कुमार

कक्षा - पाँच 

क्रमांक - १३


Thursday, December 11, 2025

हार की जीत- बातचीत के लिए,VBQ

 

Chapter 17 Question Answer – हार की जीत (पृष्ठ संख्या – 96 )

प्रश्न 1.
खड्गसिंह बाबा भारती के पास क्यों आया?
उत्तर:
खड्गसिंह बाबा भारती के पास उनका घोड़ा देखने के लिए आया।

प्रश्न 2.
बाबा भारती ने खड्गसिंह से क्या प्रार्थना की और क्यों?
उत्तर:
बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह प्रार्थना की कि धोखा देकर घोड़ा छीनने  की घटना का ज़िक्र किसी से न करे। क्योंकि अगर लोगों को इस घटना का पता लग गया तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे।

प्रश्न 3.
बाबा भारती खड्गसिंह के जाने के बाद क्यों डर गए?
उत्तर:
खड्गसिंह एक डाकू था। उसके नाम से ही लोग डरते थे। उनका घोड़ा देखकर उसके हृदय पर साँप लोट गया और यह कहते हुए गया कि बाबाजी यह घोड़ा आपके पास नहीं रहने दूँगा। अतः वे अपने घोड़े के अलग हो जाने की बात से डर गए।

प्रश्न 4.
उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए-
(क) बाबा भारती के घोड़े का क्या नाम था?
(a) राजा  (b) सुलतान  (c) चेतक
उत्तर:
(b) सुलतान


(ख) घोड़ा दिखने में कैसा था?
(a) बाँका(b) काला(c) मोटा
उत्तर:
(a) बाँका

प्रश्न 5.
किसने कहे, किससे कहे, लिखिए-

उत्तर:

कथनकिसने कहाकिससे कहा
(क) “मैं बिलकुल ठीक हूँ।”खड्गसिंह नेबाबा भारती से।
(ख) “उसकी चाल तुम्हारा मन मोह लेगी।”बाबा भारती नेखड्गसिंह से।
(ग) “कहते हैं, देखने” में भी बड़ा सुंदर है।”खड्गसिंह नेबाबा भारती से।
(घ) “अब कोई गरीब की सहायता से मुँह न मोड़ेगा।”बाबा भारती नेखड्गसिंह से।

बातचीत के लिए (पृष्ठ संख्या – 96)

प्रश्न 1.
खड्गसिंह से सब क्यों डरते थे?
उत्तर:
खड्गसिंह उस इलाके का डाकू था। इसलिए सभी उससे डरते थे।

प्रश्न 2.
क्या सबका खड्गसिंह से डरना ठीक था?
उत्तर:
नहीं, सबका खड्गसिंह से डरना ठीक नहीं था।


प्रश्न 3.
अगर आप खड्गसिंह से मिलते तो आप उसके साथ कैसा व्यवहार करते?
उत्तर:
अगर हम खड्गसिंह से मिलते तो हम भी वैसा ही व्यवहार करते जैसा कि बाबा भारती ने किया था।

प्रश्न 4.
किसी ऐसी घटना के बारे में बताइए जब आपने किसी की तारीफ़ की हो या किसी ने आपकी तारीफ़ की हो?
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।

अनुमान और कल्पना ( पृष्ठ संख्या-97)

प्रश्न 1.
खड्गसिंह अगर घोड़ा वापस नहीं करता तो क्या होता?
उत्तर:
खड्गसिंह अगर घोड़ा वापस नहीं करता तो बाबा भारती को गरीब लोगों पर से विश्वास उठ जाता।

प्रश्न 2.
बाबा भारती यदि अपाहिज को घोड़े पर नहीं बिठाते तो कहानी में क्या बदलाव होता?
उत्तर:
बाबा भारती यदि अपाहिज को घोड़े पर नहीं बिठाते तो कहानी की दिशा दूसरा मोड़ ले लेती। तब यूँ कहा जाता कि बाबा भारती निर्दयी थे तथा अपाहिजों की सहायता में विश्वास नहीं करते थे। तब खड़गसिंह जैसे व्यक्ति के व्यक्तित्व में बदलाव नहीं आ पाता । अतः बाबा भारती के कारण ही खड्गसिंह के व्यक्तित्व में बदलाव आया।

आपकी बात (पृष्ठ संख्या – 97)

प्रश्न 1.
आपको रोज़-रोज़ कौन-से काम करने पसंद हैं? उन पर चर्चा कीजिए और लिखिए-
उत्तर:
(क) खेलना
(ख) बाज़ार जाना
(ग) टी०वी० देखना
(घ) कहानी सुनना चर्चा स्वयं करें।

भाषा की बात (पृष्ठ संख्या – 97 – 98)

प्रश्न 1.
पाठ में आए निम्नलिखित युग्म शब्द पूरे कीजिए-
(क) आस – ______
(ख) आठ – ______
(ग) वायु – ______
(ङ) देख – ______
(घ) जाते – ______
(च) कहते – ______
उत्तर:
(क) आस-पास
(ख) आठ-दस
(ग) वायु-वेग
(घ) जाते-जाते
(ङ) देख-रेख
(च) कहते-कहते

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए शब्द कोश में किस क्रम में आएँगे? इन शब्दों को उसी क्रम में रेलगाड़ी के डिब्बों में लिखिए-
मनुष्य, वृक्ष, फाटक, घोड़ा, अस्तबल, गाँव, साधु

उत्तर: अस्तबल गाँव घोड़ा फाटक मनुष्य वृक्ष साधु

प्रश्न 3.
नीचे दिए गए वाक्यों को बोल-बोलकर पढ़िए और इनमें आए विराम चिन्हों पर ध्यान दीजिए-
(क) “ज़रा ठहर जाओ, खड्गसिंह ! ”
(ख) “बाबाजी, इसमें आपको क्या डर है?”
(ग) “कहो, मेरे पास कैसे आए?”
(घ) “मैं बिलकुल ठीक हूँ।”
(ङ) “बाबा, मुझ पर दया करो।”
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।

जीवन मूल्य (पृष्ठ संख्या – 98)

‘इस घटना का किसी के सामने जिक्र न करना। लोगों को यदि इस घटना का पता लग गया तो वे किसी गरीब पर विश्वास न करेंगें।”

प्रश्न 1.
बाबा भारती के कथन सुनकर डाकू खड्गसिंह का भी मन बदल गया, क्यों?
उत्तर:
खड्गसिंह को लगा कि बाबा भारती मानवता के हितैषी हैं। उन्हें अपने घोड़े की नहीं बल्कि दूसरों की चिंता है। इन्हीं बातों से खड्गसिंह का मन बदल गया।


प्रश्न 2.
क्या हमें भी बाबा भारती की तरह सब पर विश्वास करने वाला और सबकी मदद करने वाला होना चाहिए? क्यों?
उत्तर:
हमें भी बाबा भारती की तरह सब पर विश्वास कुछ करने वाला होना चाहिए। क्योंकि दूसरों की भलाई अवश्य करनी चाहिए। अगर हम दूसरों के बारे में अच्छा सोचेंगे तभी अपना भी अच्छा होगा।

करने के लिए (पृष्ठ संख्या – 98 )

प्रश्न 1.
जिस प्रकार बाबा भारती को सुलतान पसंद था, उसी प्रकार आपको जो कोई बहुत विशेषताएँ बताइए। प्रिय है, उसकी कुछ विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।

प्रश्न 2.
घोड़े के साथ बहुत सारे शब्द जुड़े हैं; जैसे- अस्तबल, दाना आदि। इसी तरह बाबा, डाकू से जुड़े शब्दों की सूची बनाइए-
उत्तर:
बाबा – साधु , बूढ़े,दयालु, परोपकारी,जानवरों से प्रेम

खड्गसिंह – डाकू, निर्दयी,कुख्यात,लालची,कपटी,धोखेबाज़,बलवान,पछतावा करने वाला

 हार की जीत

1. बहुविकल्पीय प्रश्न

1. बाबा भारती एक
(क) चोर थे(ख) डाकू थे(ग) साधु थे(घ) मुखिया थे।
उत्तर:
(ग) साधु थे

2. घोड़े का क्या नाम था?
(क) सुलतान
(ख) चेतक
(ग) मोती
(घ) खड्गसिंह।
उत्तर:
(क) सुलतान


3. शाम को बाबा भारती घोड़े पर सवार होकर कितने मील का चक्कर लगाते थे?
(क) पाँच-छह मील
(ख) सात-आठ मील
(ग) आठ-दस मील
(घ) दो-तीन मील।
उत्तर:
(ख) आठ-दस मील

4. डाकू का नाम क्या था?
(क) खड्गसिंह
(ख) अंगुलीमाल
(ग) भारती
(घ) सुलतान
उत्तर:
(क) खड्गसिंह


5. खड्गसिंह कौन था?
(क) चोर
(ख) डाकू
(घ) पुलिस
(ग) साधु
उत्तर:
(ख) डाकू

II. अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. बाबा भारती कहाँ रहते थे?
उत्तर:
बाबा भारती गाँव से बाहर मंदिर में रहते थे।

प्रश्न 2.
खड्गसिंह बाबा भारती के पास क्यों गया था?
उत्तर:
खड्गसिंह बाबा भारती के पास उनका घोड़ा देखने गया था।

प्रश्न 3.

इस कहानी के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
इस कहानी के लेखक सुदर्शन हैं।

प्रश्न 4.
खड्गसिंह का मुँह आश्चर्य से खुला क्यों रह गया?
उत्तर:
बाबा भारती की महान सोच को सुनकर खड्गसिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया।

III. लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बाबा भारती खड्गसिंह को अस्तबल में क्यों ले गए?
उत्तर:
सुलतान देखने में बड़ा सुंदर था जिसे देखने के लिए खड्गसिंह काफी अधीर हो रहा था। इसलिए बाबा भारती उसे सुलतान को दिखाने के लिए अस्तबल में ले गए।

प्रश्न 2.
खड्गसिंह ने घोड़े को क्यों वापस अस्तबल में पहुँचा दिया?
उत्तर:
बाबा भारती के महान विचार से खड्गसिंह काफी प्रभावित हुआ। उनके शब्द उसके कानों में गूँज रहे थे। वह एक डाकू था फिर भी छल से लिए गए घोड़े को अपने पास रख पाना उसे सही नहीं लगा। यही कारण है कि उसने घोड़ा अस्तबल में पहुँचा दिया।


प्रश्न 3.
इस कहानी का भाव क्या है?
उत्तर:
इस कहानी का भाव यह है कि कभी भी कोई कार्य छल या कपट से नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से एक-दूसरे पर से विश्वास उठ जाता है।

IV. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बाबा भारती हार कर भी जीत गए। कैसे?
उत्तर:
बाबा भारती एक संत प्रकृति के व्यक्ति थे। उनके अंदर दया, करुणा, संतोष और विश्वास विद्यमान था। जब खड्गसिंह छल से घोड़ा लेकर भागा तब उन्होंने बड़ी सरलता से कहा – ” यह घोड़ा अब तुम्हारा है। लेकिन मेरी एक विनती है, इस घटना की चर्चा किसी से मत करना।” उनकी इस महान सोच से खड्गसिंह काफी प्रभावित हुआ। वह छल से लिए गए घोड़े को अपने पास न रख सका और घोड़े को दबे पाँव अस्तबल में पहुँचा दिया। उनका घोड़ा उन्हें मिल गया। यही कारण है कि बाबा भारती हार कर भी जीत गए। अंदर गए और घोड़े के गले से लिपट गए। फिर बोले, “अब कोई भी गरीब की सहायता करने से मुँह नहीं मोड़ेगा। ”

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

1. गाँव के बाहर के मंदिर में बाबा भारती नाम के एक साधु रहते थे। उनके पास एक बढ़िया घोड़ा था, जिसे वे ‘सुलतान’ कहते थे। वैसा घोड़ा आस-पास के किसी गाँव में न था। बाबा भारती अपने हाथ से सुलतान को दाना खिलाते थे। जब तक बाबा शाम को सुलतान पर आठ-दस मील का चक्कर न लगा लेते, उन्हें चैन न आता।

प्रश्न 1.
बाबा भारती कहाँ रहते थे?
उत्तर:
बाबा भारती गाँव के बाहर मंदिर में रहते थे।


प्रश्न 2.
बाबा भारती के पास क्या था?
उत्तर:
बाबा भारती के पास एक सुंदर घोड़ा था।


प्रश्न 3.
बाबा भारती के घोड़े का नाम क्या था?
उत्तर:
बाबा भारती के घोड़े का नाम ‘सुलतान’ था।

प्रश्न 4.
बाबा भारती शाम को घोड़े पर बैठकर कितने मील का चक्कर लगाते थे?
उत्तर:
बाबा भारती शाम को घोड़े पर बैठकर आठ-दस मील का चक्कर लगाते थे।

प्रश्न 5.
मंदिर कहाँ था?
उत्तर:
मंदिर गाँव के बाहर था।


II. बाबा भारती खड्गसिंह को अस्तबल में ले गए। बाबा ने घोड़ा दिखाया घमंड से। खड्गसिंह ने घोड़ा देखा आश्चर्य से ऐसा बाँका घोड़ा उसने कभी न देखा था। बालकों की सी अधीरता से बोला, “बाबाजी इसकी चाल न देखी तो क्या !” बाबाजी भी मनुष्य ही थे। अपनी वस्तु की प्रशंसा दूसरे के मुख से सुनने के लिए उनका हृदय अधीर हो उठा। घोड़े को खोलकर बाहर ले गए। घोड़ा वायु-वेग से उड़ने लगा। उसकी चाल देखकर खड्गसिंह के हृदय पर साँप लोट गया। जाते-जाते उसने कहा, ” बाबाजी, मैं यह घोड़ा आपके पास रहने न दूँगा। ”

प्रश्न 1.
बाबा भारती ने खड्गसिंह को घोड़ा कैसे दिखाया?
उत्तर:
बाबा भारती ने खड्गसिंह को घोड़ा घमंड से दिखाया।


प्रश्न 2.
बाबा भारती का हृदय क्यों अधीर हो उठा?
उत्तर:
अपनी वस्तु की प्रशंसा दूसरे के मुख से सुनने के लिए बाबा भारती का हृदय अधीर हो उठा।

प्रश्न 3.
‘हृदय पर साँप लोटने’ का अर्थ क्या होता है?
उत्तर:
हृदय पर साँप लोटने का अर्थ है – ईर्ष्या करना।

प्रश्न 4.
ऐसा बाँका घोड़ा उसने कभी न देखा था? यहाँ उसने किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर:
इस वाक्य में उसने खड्गसिंह के लिए प्रयुक्त हुआ है।

प्रश्न 5.
किसने कहा- “ बाबाजी, मैं यह घोड़ा आपके पास रहने न दूँगा?
उत्तर:
यह वाक्य खड्गसिंह ने कहा।


III. सहसा उन्हें एक झटका सा लगा और लगाम हाथ से छूट गई। उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा, जब उन्होंने देखा कि अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठा है और घोड़े को दौड़ाए लिए जा रहा है। बाबा भारती थोड़ी देर देखते रहे, फिर चिल्लाकर बोले, “ज़रा ठहर जाओ, खड्गसिंह! खड्गसिंह ने घोड़ा रोक दिया और बाबा से कहा, “बाबाजी, मैं यह घोड़ा अब न दूँगा। ” बाबा ने कहा, “भाई, मुझे घोड़ा न चाहिए। यह तुम्हारा है। मेरी प्रार्थना है कि इस घटना का किसी के सामने जिक्र न करना। ” खड्गसिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया। उसने पूछा, “बाबाजी इसमें आपको क्या डर है?” सुनकर बाबा भारती ने उत्तर दिया- ” लोगों को यदि इस घटना का पता लग गया तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे।”

प्रश्न 1.
बाबा भारती ने खड्गसिंह से क्या प्रार्थना की?
उत्तर:
बाबा भारती ने खड्गसिंह से यह प्रार्थना की कि वह इस घटना का जिक्र किसी के सामने मत करे।


प्रश्न 2.
खड्गसिंह का मुँह आश्चर्य से क्यों खुला रह गया?
उत्तर:
बाबा भारती की बातों को सुनकर खड्गसिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया।

प्रश्न 3.
बाबा भारती को किस बात का डर था?
उत्तर:
बाबा भारती को डर था कि यदि लोगों को इस घटना का पता लग गया तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे।

प्रश्न 4.
ज़िक्र का अर्थ क्या है?
उत्तर:
जिक्र का अर्थ है – चर्चा करना।

प्रश्न 5.
किसने, किससे कहा – “यदि लोगों को इस घटना का पता लग गया तो वे किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे।”
उत्तर:
बाबा भारती ने यह बात खड्गसिंह से कही।


IV. सुबह स्नान करने के बाद बाबा भारती के पाँव रोज़ की तरह अस्तबल की ओर बढ़ गए। फाटक पर पहुँचकर उन्हें अपनी भूल का पता चला। वे वहीं रुक गए। सुलतान ने बाबा भारती के पैरों की आवाज़ पहचान ली और वह हिनहिनाया। वे खुशी से दौड़ते हुए अंदर घुसे और घोड़े के गले से लिपट गए। फिर वे संतोष से बोले, ” अब कोई गरीब की सहायता से मुँह न मोड़ेगा।”

प्रश्न 1.
सुबह स्नान करने के बाद बाबा भारती कहाँ गए ?
उत्तर:
सुबह स्नान करने के बाद बाबा भारती अस्तबल की ओर गए।

प्रश्न 2.
घोड़ा क्यों हिनहिनाने लगा?
उत्तर:
घोड़ा बाबा भारती के पैरों की आवाज़ पहचान कर हिनहिनाने लगा।

प्रश्न 3.
घोड़े को देखकर बाबाजी ने क्या किया? घोड़े को देखकर बाबाजी उसके गले से लिपटगए।
उत्तर:

प्रश्न 4.
‘गरीब’ का विलोम शब्द क्या होता है?
उत्तर:
‘गरीब’ का विलोम ‘अमीर’ होता है।

प्रश्न 5.
किसने कहा, “अब कोई गरीब की सहायता से मुँह नहीं मोड़ेगा।”
उत्तर:
बाबा भारती ने कहा।

शब्दार्थ :

  • बढ़िया – सुन्दर, अच्छा।
  • काँपना – डरना।
  • प्रशंसा – बड़ाई।
  • अस्तबल – घोड़े के रहने का स्थान।
  • घमंड – गर्व।
  • अधीर – बेचैन।
  • वायु – वेग तेज गति।
  • हृदय पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना।
  • मास – महीना।
  • ज़िक्र – चर्चा।
  • बाँका – सुंदर।
  • प्रार्थना- विनती।
  • पाँव – पैर।
  • हिनहिनाया – घोड़े की बोली।

हार की जीत Summary in Hindi

पाठ- परिचय:
‘हार की जीत’ एक अत्यंत प्रेरणादायक कहानी है। इस कहानी में दो अलग-अलग व्यक्तित्वों की चर्चा की गई है। इन दोनों व्यक्तित्वों के माध्यम से लेखक ने यह बताने की कोशिश की है कि कभी-कभी व्यक्ति जीत कर भी हार जाता है और कभी-कभी हार कर भी जीत जाता है।

पाठ का सारांश:
बाबा भारती गाँव के बाहर मंदिर में रहते थे। उनके पास एक बड़ा ही सुन्दर और बलवान घोड़ा था। बाबा भारती उसे ‘सुलतान’ कहकर पुकारते थे। वैसा घोड़ा आस -पास के गाँव में नहीं था। वे अपने हाथों से सुलतान को दाना खिलाते और देख-देखकर प्रसन्न होते थे। वह जब तक संध्या समय सुलतान पर सवार होकर आठ-दस मील का चक्कर न लगा लेते उन्हें चैन नहीं आता था।

खड्गसिंह उस इलाके का डाकू था। लोग उसके नाम से काँपते थे। धीरे-धीरे उसे सुलतान के बारे में पता चला। वह उसे देखने के लिए बेचैन हो गया। एक दिन वह बाबा भारती के पास हालचाल पूछने के बहाने पहुँच गया। बाबा भारती ने उसके आने का कारण पूछा। खड्गसिंह ने बताया कि सुलतान की प्रशंसा सुनकर उसे देखने चला आया।

बाबा भारती उसे अस्तबल में ले गए। उन्होंने घमंड से घोड़ा दिखाया और खड्गसिंह ने आश्चर्य से घोड़ा देखा। वैसा घोड़ा उसने कभी नहीं देखा था। अतः वह उसकी चाल देखने के लिए बेचैन हो गया। बाबा जी घोड़ा खोलकर बाहर ले आए। घोड़ा वायु- वेग से भागने लगा। उसकी चाल देखकर खड्गसिंह के हृदय पर साँप लोट गया। जाते-जाते यह कहते गया कि बाबा जी यह घोड़ा आपके पास नहीं रहने दूँगा।

बाबा भारती डर गए। उन्हें रात को नींद नहीं आती थी। इस तरह कई महीने बीत गए। बाबा भारती इस बात को भूल गए। एक शाम घोड़े पर सवार होकर बाबा भारती घूमने जा रहे थे। तभी खड्गसिंह एक अपाहिज के रूप में हाथ जोड़कर कहने लगा, ‘बाबा! मुझ पर दया करो। मुझे तीन मील दूर जाना है, घोड़े पर चढ़ा लो। ” बाबा भारती ने अपाहिज को घोड़े पर सवार कर स्वयं उसकी लगाम पकड़कर चलने लगे। अचानक उन्हें एक झटका सा लगा।

लगाम उनके हाथ से छूट गई। अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठ गया और लगाम पकड़कर घोड़े को दौड़ाकर ले जाने लगा। कुछ देर तो बाबा भारती चुप रहे, फिर चिल्लाकर बोले अब यह घोड़ा तुम्हारा हैं, बस मेरी एक विनती है, इस घटना का जिक्र किसी से मत करना वरना लोग किसी गरीब पर विश्वास नहीं करेंगे। बाबा भारती चले गए। किंतु खड्गसिंह के कानों में बाबा की वही बात गूँज रही थी। अंत में उसने घोड़े को उनके अस्तबल में बाँध दिया और वहाँ से चला गया। सुलतान ने बाबा के पैरों की आवाज़ पहचान कर हिनहिनाना शुरू किया। वे खुशी से

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