बेट्टिना का साहस
पाठ में से (पृष्ठ संख्या – 102 )
प्रश्न 1.किन शब्दों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी?
उत्तर:“तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। ”बेट्टिना की एक सेविका के इन शब्दों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा बदल दी।
प्रश्न 2.बिस्तर पर पड़े पड़े बेट्टिना की आँखों से आँसू क्यों बहने लगते थे?
उत्तर:दुर्घटना के बाद बेट्टिना को लगता था कि वह अब कभी नृत्य नहीं कर पाएगी। इसी बात को सोचकर बिस्तर पर पड़े पड़े उसकी आँखों से आँसू बहने लगते थे।
प्रश्न 3.बेट्टिना सफलता के शिखर पर फिर से किस प्रकार पहुँची ?
उत्तर:दृढ़ संकल्प,कठोर साधना और निरंतर प्रयास के कारण बेट्टिना सफलता के शिखर पर पहुँची ।
प्रश्न 4.नृत्य के बिना बेट्टिना का जीवन अधूरा था। कैसे?
उत्तर:नृत्यु बेट्टिना के शौक और आय दोनों के साधन थे। इसलिए इसके बिना उसका जीवन अधूरा था।
प्रश्न 5.
उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए-
(क) बेट्टिना लगभग कितने मीटर ऊपर उछली?
(a) तीन(b) पाँच(c) आठ
उत्तर:तीन
(ख) टेरेंस लेविस कौन थे?
(a) अध्यापक(b) नर्तक(c) चिकित्सक
उत्तर:(c) चिकित्सक
(ग) बेट्टिना के माता-पिता उसे मालिश के लिए कहाँ ले जाते थे?
(a) अस्पताल(b) तरण ताल(c) सिनेमा हाल
उत्तर:(b) तरण ताल
प्रश्न 6.
रिक्त स्थान भरकर वाक्य पूरे कीजिए।
(क) बेट्टिना _____ में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।
(ख) शिक्षक बैरी उसकी _____ और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।
(ग) अधिक दवाओं के कारण उसके ______ में खराबी आ गई।
उत्तर:
(क) बेट्टिना नृत्य नाटिकाओं में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।
(ख) शिक्षक बैरी उसकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।
(ग) अधिक दवाओं के कारण उसके गुर्दों। में खराबी आ गई।
बातचीत के लिए (पृष्ठ संख्या – 102 )
प्रश्न 1.
यदि बेट्टिना या उस जैसी कोई लड़की आप के साथ नृत्य सीखती तो आपके मन में भी कई सवाल उठते कक्षा में बातचीत कीजिए।
उत्तर:
छात्र / छात्राएँ स्वयं करें।
प्रश्न 2.
इस पाठ को पढ़ने के बाद आपकी सोच में भी कुछ बदलाव आया होगा। बताइए।
उत्तर:
इस पाठ को पढ़ने के बाद मेरी सोच में यह बदलाव आया कि आदमी को जीवन से निराश नहीं होना चाहिए। कठिन साधना और लगन से किए गए कामों में सफलता अवश्य मिलती है।
आपका अनुमान (पृष्ठ संख्या – 103 )
प्रश्न 1.
बेट्टिना की सारी कोशिशों के बाद ही वह ठीक हो पाई, और फिर से सभागार में नृत्य कर सकी। यदि कोई उससे कोई सवाल पूछता, “आपको, अब कैसा लग रहा है?” तो उसका क्या उत्तर या भावनाएँ होतीं?
उत्तर:
वह भावुक होकर उत्तर देती अच्छा लग रहा है।भगवान का बहुत-बहुत शुक्रिया।
भाषा की बात (पृष्ठ संख्या – 103 )
प्रश्न 1.
पाठ में कई स्थानों पर विशेषण- विशेष्य के संबंध में कुछ शब्द आए हैं; जैसे- दूसरे नगर, उन्नीस वर्ष
उत्तर:
विशेषण- विशेष्य
विकट परिस्थिति
गहरी चोट
भयानक दुर्घटना
दृढ़ संकल्प
भयंकर पीड़ा
प्रश्न 2.
‘र’ का प्रयोग कीजिए और शब्द को दोबारा लिखिए-
उत्तर:
दुघटना – दुर्घटना
सुपसिद्ध – सुप्रसिद्ध
सामगी – सामग्री
पव – पर्व
पयास – प्रयास
दद – दर्द
वष – वर्ष
गुदो – गुर्दों केंद- केंद्र पकार – प्रकार।
जीवन मूल्य (पृष्ठ संख्या – 103)
यदि हम ठान लें कि किसी भी विकट परिस्थिति में हार नहीं मानेंगे तो मुश्किलों को झेलते हुए सफलता प्राप्त कर ही लेंगे।
प्रश्न 1.
क्या आप इस बात से सहमत हैं, कैसे?
उत्तर:
हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ। क्योंकि मनुष्य जब विकट परिस्थिति में हार नहीं मानता बल्कि निरंतर प्रयासों में जुटा रहता है तो ईश्वर भी उसका साथ देते हैं और उसे सफलता प्राप्त हो ही जाती है।
कुछ करने के लिए (पृष्ठ संख्या – 104)
प्रश्न 1.
बेट्टिना की सफलता पर उसे एक बधाई – संदेश लिखिए।
उत्तर:
24, कमला नगर
नई दिल्ली
15 अप्रैल, 20……..
प्रिय बेट्टिना
सप्रेम नमस्ते।
तुम्हारा पत्र मिला। यह जानकर खुशी हुई कि तुमने इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी अपनी हिम्मत नहीं खोई अपनी कठोर साधना और निरंतर प्रयास से तुम उसी शिखर पर पहुँच गई जिस पर तुम दुर्घटना से पहले थी। इसके लिए मेरी तरफ से तुम्हें बहुत-बहुत बधाइयाँ और माँ की ओर से ढ़ेर सारा प्यार और आशीर्वाद। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना तथा विभोर को प्यार।
तुम्हारी सहेली
निशा भारती
1. बहुविकल्पीय प्रश्न
1. बेट्टिना बेचगार्ड कहाँ रहती है?
(क) फ्रांस
(ख) इंग्लैंड
(ग) जनेवा
(घ) उपर्युक्त तीनों।
उत्तर:
(ख) इंग्लैंड
2. बेट्टिना की जब दुर्घटना हुई थी तब वह कितने वर्ष की थी?
(क) 19
(ग) 20
(ख) 13
(घ) 12
उत्तर:
(क) 19
3. बेट्टिना की किस वाहन से दुर्घटना हुई ?
(क) बस
(ख) कार
(ग) साइकिल
(घ) रिक्शा
उत्तर:
(ख) कार
4. सुप्रसिद्ध चिकित्सक टेरेंस कहाँ के रहने वाले थे?
(क) लंदन
(ख) नेपाल
(ग) पाकिस्तान
(घ) भारत
उत्तर:
(क) लंदन
5. बेट्टिना के माता-पिता कितने घंटे बाद अस्पताल पहुँचे?
(क) डेढ़ घंटे
(ग) एक घंटे
(ख) दो घंटे
(घ) पाँच घंटे
उत्तर:
(क) डेढ़ घंटे
6. उसे गहरी चोट कहाँ लगी थी?
(क) गुर्दा
(ख) खोपड़ी
(ग) टाँग
(घ) पेट
उत्तर:
(ग) टाँग
7. उसकी सफलता पर गड़ाहट गूँज उठी?
(क) सभागार
(ख) कक्षा
(ग) मैदान
(घ) सिनेमा हाल।
उत्तर:
(क) सभागार
II. अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
बेट्टिना किस क्षेत्र में मुख्य भूमिका निभाती है?
उत्तर:
बेट्टिना नृत्य नाटिकाओं में मुख्य भूमिका निभाती है।
प्रश्न 2.
टेरेंस किसके साथ गाड़ी में सवार थे?
उत्तर:
टेरेंस अपनी पत्नी जिल्ल के साथ गाड़ी में सवार थे।
प्रश्न 3.
बेट्टिना को किस वाहन से अस्पताल पहुँचाया गया?
उत्तर:
बेट्टिना को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुँचाया गया।
III. लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
बेट्टिना को नया जीवन कैसे मिला?
उत्तर:
बेट्टिना को खोपड़ी में गहरी चोट थी। शरीर के अन्य भागों में भी गहरे घाव थे। किंतु चिकित्सकों के अथक प्रयास के कारण बेट्टिना को नया जीवन मिला।
प्रश्न 2.
बेट्टिना के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर:
बेट्टिना के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है। कि आदमी को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीवन से निराश नहीं होना चाहिए। अगर सच्ची लगन हो तो जीवन में सफलता जरूर मिलती है।
IV. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
बेट्टिना की दुर्घटना कब और कैसे हुई ?
उत्तर:
बेट्टिना भोजन सामग्री लेने के लिए घर से बाहर निकली। वह पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते से सड़क पार कर रही थी। किंतु एक तेज गति की कार ने आकर उसको टक्कर मार दी। वह लगभग तीन मीटर ऊँची उछल कर जमीन पर धड़ाम से गिरी और बेहोश हो गई। उसके शरीर का प्रत्येक भाग जख्मी था और सिर फट गया था।
अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
I. अस्पताल के बिस्तर पर लेटे-लेटे वह छत को निहारती और सोचती कि शायद वह अब कभी नृत्य नहीं कर पाएगी। यह सोचकर उसकी आँखों से बेबसी के आँसू बहने लगते । अक्सर उसके मन में यह विचार आता कि संकल्प और पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न से एक दिन फिर वह पहले की तरह नृत्य-नाटिकाओं में नृत्य कर पाएगी। उसकी समस्याओं का यहीं अंत नहीं था। अधिक दवाओं के कारण उसके गुर्दों में खराबी आ गई। बेट्टिना कहती है, “एक दिन मैं बहुत निराश थी, जीवन में कहीं कोई आशा की किरण शेष नहीं थी। मैं सुबक सुबक कर रोने लगी। मेरी एक सेविका ने निराशाजनक बातें सुनी। प्यार से उसने मेरे सिर को सहलाते हुए कहा-“तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। उसके इन शब्दों ने मेरी सोचने की दिशा ही बदल दी। ”
प्रश्न 1.
अस्पताल में लेटे-लेटे बेट्टिना क्या सोचती रहती थी?
उत्तर:
अस्पताल में लेटे-लेटे वह सोचती थी कि अब वह कभी नृत्य नहीं कर पाएगी।
प्रश्न 2.
अधिक दवाओं के कारण क्या हुआ?
उत्तर:
धिक दवाओं के कारण उसके गुर्दों में खराबी आ गई।
प्रश्न 3.
एक दिन उसकी सेविका ने क्या सुनी?
उत्तर:
एक दिन उसकी सेविका ने उसकी निराशाजनक बातें सुनीं।
प्रश्न 4.
बेट्टिना की सेविका ने उससे क्या कहा?
उत्तर:
बेट्टिना की सेविका ने कहा- ‘तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है।’
प्रश्न 5.
सेविका की बातों का बेट्टिना पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
सेविका की बातों ने बेट्टिना की सोचने की दिशा ही बदल दी।
II. एक माह अस्पताल में रहने के बाद वह घर लौट आई। उसके माता-पिता टाँगों की मालिश के लिए उसे निकट के एक तरण ताल में ले जाने लगे। वह घर में अनेक प्रकार की शारीरिक पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न करती । उसने कदम से कदम मिलाकर जब चलने का प्रयास किया तो दर्द से चिल्ला उठी। कुछ दिन के असहनीय दर्द को झेलने के बाद उसकी टाँगों में शक्ति का संचार होने लगा ।
प्रश्न 1.
बेट्टिना कितने दिनों के बाद अस्पताल से घर वापस आई?
उत्तर:
बेट्टिना एक माह बाद अस्पताल से घर वापस आई।
प्रश्न 2.
उसके माता-पिता टाँगों की मालिश के लिए उसे कहाँ ले जाते थे?
उत्तर:
उसके माता-पिता टाँगों की मालिश के लिए उसे तरण ताल ले जाते थे।
प्रश्न 3.
वह कहाँ पर पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न करती थी?
उत्तर:
वह घर पर ही पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न करती थी।
प्रश्न 4.
वह कब दर्द से चिल्ला उठी?
उत्तर:
जब उसने कदम से कदम मिलाकर चलने का प्रयास किया तो वह दर्द से चिल्ला उठी।
प्रश्न 5.
उसकी टाँगों में कब शक्ति का संचार होने लगा ?
उत्तर:
असहनीय दर्द को झेलने के बाद उसकी टाँगों में शक्ति का संचार होने लगा।
III. इस मोड़ पर उसके जीवन में शिक्षक बैरी का प्रवेश हुआ। बैरी उसकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित था। बेट्टिना ने उसके सामने नृत्य केंद्र में जाने की इच्छा व्यक्त की। बैरी ने उसे हर तरह सहयोग का आश्वासन दिया। छह माह की कठोर साधना के बाद जब उसने संगीत की लय और ताल के साथ नृत्य का पहला कदम रखा तो उसे बहुत कठिनाई हुई । धीरे-धीरे एक वर्ष बीत गया। उसकी दाईं टाँग में लगे धातु के टुकड़े हटा दिए गए।
प्रश्न 1.
बैरी कौन थे?
उत्तर:
बैरी बेट्टिना के शिक्षक थे।
प्रश्न 2.
बैरी किस चीज से परिचित थे?
उत्तर:
बैरी बेट्टिना की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से परिचित थे।
प्रश्न 3.
बैरी ने बेट्टिना को क्या आश्वासन दिया?
उत्तर:
बैरी ने बेट्टिना को हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन दिया।
प्रश्न 4.
कितने दिनों के बाद उसने नृत्य में पहला कदम रखा?
उत्तर:
छह महीने बाद उसने नृत्य में पहला कदम रखा।
प्रश्न 5.
बेट्टिना की किस टाँग में धातु के टुकड़े लगे थे?
उत्तर:
बेट्टिना को दाईं टाँग में धातु के टुकड़े लगे थे।
शब्दार्थ :
अवकाश – छुट्टी।
सामग्री – सामान।
चिकित्सक – इलाज करने वाला।
निहारती – देखती।
संकल्प – निश्चय।
उद्देश्य – लक्ष्य।
आश्वासन – दिलासा, भरोसा।
समूचा – सारा।
बेट्टिना का साहस Summary in Hindi
पाठ – परिचय:
‘बेट्टिना का साहस’ एक साहसी लड़की की कहानी है जिसे नृत्य करने का शौक है। दुर्भाग्यवश वह एक भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। उसका शरीर बुरी तरह से घायल हो जाता है। वह अपने जीवन से निराश हो जाती है। किंतु उसकी एक सेविका ने जब उसे समझाया कि तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है तब उसने अपने निरंतर प्रयासों से वह सब कुछ कर दिया जो वह दुर्घटना से पहले करती थी।
पाठ का सारांश:
बेट्टिना बेचगार्ड, लंदन, इंग्लैंड में रहती है। उसेत्य नाटिकाओं में भाग लेने का शौक था। नृत्य उसका शौक और आय दोनों के साधन थे। किंतु उन्नीस वर्ष की अवस्था में वह एक भयानक दुर्घटना की शिकार हो जाती है। उसका पूरा शरीर
ज़ख्मी हो जाता है। दाईं टाँग आठ और बाईं भुजा दो जगह से टूट गई थी। खोपड़ी में गहरी चोट थी। कई घंटों के अथक प्रयास और शल्य चिकित्सा द्वारा चिकित्सकों ने उसे नया जीवन दिया। अधिक दवा खाने से उसके गुर्दे भी खराब हो गए थे। वह अपने जीवन से काफी निराश हो गई थी। बिस्तर पर पड़े पड़े वह बेबसी के आँसू बहाती रहती थी।
एक दिन उसकी एक सेविका ने उसे हिम्मत दी और बताया कि तुम्हारा नया जीवन एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है। सेविका की इन बातों ने उसके सोचने की दिशा बदल दी। चिकित्सकों के मना करने पर भी वह अनेक प्रकार का शारीरिक पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न करने लगी। उसके इस पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न के कारण उसे काफी कष्ट होता। कुछ दिन के असहनीय दर्द को झेलने के बाद उसकी टाँगों में शक्ति का संचार होने लगा। जीवन के इस मोड़ पर उसके शिक्षक बैरी ने उसे हर सहयोग का आश्वासन दिया।
छह माह की कठोर साधना के बाद उसने संगीत की लय और ताल के साथ नृत्य का पहला कदम रखा। कठिनाइयों का सामना करते हुए एक वर्ष बीत गए। उसकी दाईं टाँग में लगे धातु के टुकड़े हटा दिए गए। अब उसे अपनी टाँगों का संतुलन बनाने में सहायता मिलने लगी। दो वर्ष बाद उसने कुछ क्षण के लिए नृत्य नाटिका में काम किया। उसकी सफलता में समूचा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। धीरे-धीरे बेट्टिना उसी शिखर पर पहुँच गई जिस पर वह दुर्घटना से पहले थी। इस तरह बेट्टिना ने अपने प्रयासों से सिद्ध कर दिया जहाँ चाह, वहाँ राह।
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