20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) - 'अँधेर नगरी' पर आधारित
अँधेर नगरी नाटक में महंत के कितने शिष्य थे? क) एक ख) दो ग) तीन घ) चार
महंत के शिष्यों के नाम क्या थे? क) कल्लू बनिया और कारीगर ख) नारायणदास और गोबर्धनदास ग) फरियादी और कोतवाल घ) राजा और मंत्री
'अँधेर नगरी' का राजा कैसा था? क) बुद्धिमान राजा ख) चौपट राजा ग) न्यायप्रिय राजा घ) धार्मिक राजा
गोबर्धनदास ने कुंजड़िन से किस चीज़ का भाव पूछा था? क) फल का ख) मिठाई का ग) भाजी का घ) सोने का
अँधेर नगरी में सभी चीज़ों का भाव क्या था? क) दो रुपये सेर ख) टके सेर ग) चार रुपये सेर घ) मुफ्त \
'टका' शब्द का क्या अर्थ है? क) चाँदी का सिक्का ख) ताँबे का पुराना सिक्का ग) कपड़ा घ) एक प्रकार का बर्तन
गोबर्धनदास ने अपनी सात पैसे की भिक्षा से कितनी मिठाई मोल ली क) एक सेर ख) सात सेर ग) साढ़े तीन सेर घ) दस सेर \
महंत ने गोबर्धनदास को अँधेर नगरी में क्यों रहने से मना किया? क) क्योंकि वहाँ लोग बहुत दुष्ट थे। ख) क्योंकि वहाँ सब चीज़ें टके सेर मिलती थीं। ग) क्योंकि वहाँ खाने को कुछ नहीं था। घ) क्योंकि वह नगर दूर था।
फरियादी की बकरी किसके नीचे दबकर मर गई थी? क) पेड़ के नीचे ख) कल्लू बनिए की दीवार के नीचे ग) राजा के रथ के नीचे घ) कसाई की दुकान के नीचे
कल्लू बनिए ने दीवार खराब होने का दोष किस पर लगाया? क) चूनेवाले पर ख) कारीगर पर ग) भिश्ती पर घ) कोतवाल पर
चूनेवाले ने कहा कि चूना कमजोर हो गया, क्योंकि भिश्ती ने क्या किया था? क) पानी कम डाल दिया था ख) पानी ज़्यादा डाल दिया था ग) नमक मिला दिया था घ) चूना ही नहीं डाला था
मशक में पानी ढोने वाले व्यक्ति को क्या कहते हैं? क) कसाई ख) गड़रिया ग) भिश्ती घ) बनिया
कसाई ने बड़ी मशक बनाने का कारण किसे बताया? क) राजा को ख) गड़रिए को (जिसने बड़ी भेड़ बेची थी) ग) मंत्री को घ) भिश्ती को \
गड़रिए ने अपनी गलती का दोष किस पर लगाया?क) सिपाही पर ख) राजा पर ग) कोतवाल पर (जिसकी सवारी धूम-धाम से आई थी) घ) महंत पर \
अंत में राजा ने सबसे पहले किसे फाँसी देने का हुक्म दिया था? क) गोबर्धनदास को ख) कल्लू बनिए को ग) कोतवाल को घ) कारीगर को \
गोबर्धनदास को पकड़ने का कारण क्या था?क) उसने चोरी की थी। ख) वह बहुत मोटा और तंदुरुस्त था। ग) उसने राजा का अपमान किया था। घ) वह दीवार का कारीगर था। \
गोबर्धनदास को संकट में देख गुरुजी (महंत) ने सिपाहियों से क्या कहा? क) मुझे अपने शिष्य को अंतिम उपदेश देने दो। ख) इसे तुरंत फाँसी दे दो। ग) इसे छोड़ दो। घ) मैं राजा से मिलूँगा। \
महंत ने राजा को फाँसी चढ़ने के लिए क्या लालच दिया?क) उसे बहुत सारा धन मिलेगा। ख) जो इस शुभ घड़ी में मरेगा, सीधा स्वर्ग जाएगा। ग) उसका नाम अमर हो जाएगा। घ) वह नया राजा बन जाएगा। \
गुरु और चेले के बीच हुई जुबानी लड़ाई-झगड़े को किस शब्द से संबोधित किया गया है? क) तर्क ख) हुज्जत ग) वाद-विवाद घ) झगड़ा \ (शब्दार्थ)
नाटक के अंत में किसको फाँसी पर लटकाया गया?क) गोबर्धनदास को ख) मंत्री को ग) कोतवाल को घ) राजा को
उत्तरमाला
यह कहानी बताती है कि बिना सोचे-समझे शासन (चौपट राज) कितना खतरनाक हो सकता है। जैसे किसी रसोईघर में, यदि आप हर सामग्री (चाहे वह सोना हो या सब्जी) को एक ही दाम पर बेच दें, तो अंत में केवल अव्यवस्था और अन्याय ही होगा, जैसा कि राजा के स्वयं फाँसी चढ़ने से सिद्ध होता है।
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