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कारक (Case)
इन वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और समझिए- बिल्ली ने चूहे को देखा।
•उसने अपने पंजे से झपट्टा मारा।
चूहा खाने के लिए उसने अपना मुँह खोला।
दूसरा चूहा अलमारी से नीचे आया।
बिल्ली की नज़र दूसरे चूहे पर पड़ी।
उसके हाथ से चूहा छूटकर बिल में जा छिपा।
● हाय! बिल्ली भूखी रह गई।
ऊपर लिखे वाक्यों में ने, को, से, के लिए, से, की, पर, में, हाय! कुछ विशेष चिह्न हैं। ये शब्द संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से प्रकट कर रहे हैं। इनको कारक - चिह्न, विभक्ति या परसर्ग कहते हैं। अतः,
संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य का अन्य शब्दों के साथ संबंध प्रकट हो, उस रूप (शब्द) को कारक कहते हैं।
कारक के भेद (Kinds of Case)
कारक के आठ भेद होते हैं-
-
1. कर्ता कारक (ने) (Nominative Case) – संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया के करने वाले का बोध होता है, उसे कर्ता कारक कहते हैं; जैसे- (क) मान्या ने जूस पिया।
(ख) लता ने गीत गाया।
2. कर्म कारक (को) (Objective Case) - जिस वस्तु या पदार्थ का क्रिया के व्यापार पर फल पड़े, उसे कर्म कारक कहते हैं; जैसे-
(क) माँ बच्चे को खिलाती है।
(ख) रीता सुरभि को खिलौने देती है। 3. करण कारक (से, के द्वारा) (Instrumental Case) – कर्ता जिस साधन के द्वारा क्रिया करता है, उसे करण कारक कहते हैं; जैसे- (क) नवीन कार से स्कूल जाता है। (ख) शिव पेंसिल से चित्र बनाता है। 4. संप्रदान कारक (को, के लिए) (Dative Case) - जिसके लिए क्रिया की जाती है, उसका बोध कराने वाले संज्ञा या सर्वनाम को संप्रदान कारक कहते हैं; जैसे- (क) गरीबों को वस्त्र दो। (ख) गुरु जी के लिए जल लाओ।
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5. अपादान कारक (से-अलग होने के संदर्भ में) (Ablative Case)- संज्ञा के जिस रूप से पृथक होने का बोध हो, उसे अपादान कारक कहते हैं; जैसे-
(क) वृक्ष से पत्ते गिरते हैं। (ख) नल से पानी गिरता है। 6. संबंध कारक (का, के, की) (Genitive Case)- संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु या पदार्थ का दूसरी वस्तु या पदार्थ से संबंध का बोध हो, उसे संबंध कारक कहते हैं; जैसे-
(क) यह कनिष्क का स्कूटर है। (ख) वह दिव्या का घर है।
7. अधिकरण कारक (में, पर ) (Locative Case) -संज्ञा के जिस रूप से क्रिया के आधार का बोध हो, उसे अधिकरण कारक कहते हैं; जैसे-
(क) गन्ने में मिठास होती है।
(ख) भौंरा फूल पर बैठा है।
-8. संबोधन कारक (हे! अरे!) (Vocative Case) – संज्ञा के जिस रूप से किसी को पुकारने या सावधान करने का बोध हो, उसे संबोधन कारक कहते हैं; जैसे- (क) हे प्रभु! सबका कल्याण करो। (ख) हाय! मैं लुट गया।
आइए दोहराएँ
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के किसी दूसरे शब्द के साथ उसका संबंध प्रकट हो, उसे कारक कहते हैं।
अभ्यास
1. नीचे दिए गए वाक्यों में रंगीन छपे कारक का नाम लिखिए-
(क) आभा छत पर टहल रही है।------------
(ख) उड़ते बाज़ के मुँह से साँप नीचे गिर गया।----------
(ग) देश के लिए अपना सर्वस्व त्याग दो।------------
2. उचित विकल्प चुनिए-
(क) परसर्ग किसके साथ जोड़े जाते हैं?
(i) संज्ञा (ii) सर्वनाम (iii) संज्ञा और सर्वनाम
(ख) संबंध कारक का कारक-चिह्न है-
(i) का (ii) ने (iii) में
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