https://docs.google.com/presentation/d/1A-l_hitsrVAh5ibl9n79ft7a2PEn9rQXGKCzxZrkfC0/edit?usp=sharing
बातचीत के लिए
1. अपने शिक्षक, माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या किसी बड़े से पता कीजिए कि चाँद
(क) कब पूरा गोल हो जाता है? पूर्णिमा के दिन
(ख) कब दिखाई ही नहीं देता? अमावस्या के दिन
2. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि-
(क) कविता में सरदी के मौसम की बात की गई है। सन-सन चलती हवा रात भर,जाड़े से मरता हूँ।
(ख) चाँद बहुत सुंदर है। बच्चे की बात सुन कहा माता ने , अरे सलोने।
(ग) चाँद का कोई एक नाप नहीं है। कभी एक अंगुल भर चौड़ा,कभी एक फुट मोटा,
अनुमान और कल्पना
अगर गरमी होती तो-
- चाँद अपनी माँ से किस बात के लिए हठ करता और क्यों? गरमी के मौसम में चाँद अपनी माँ से एक सफेद सूती कपड़े का कुर्ता बनवाने के लिए कहता ताकि उसे ठंडक मिले। चाँद अपनी माँ से एक पंखे,काला चश्माऔर टोपी के लिए भी कह सकता है जिससे वह तेज़ धूप से अपने आपको बचा सके।
- आप अपनी माँ से किस चीज़ की हठ करते और क्यों?
- क्या सूरज की भी कोई माँग होती? हाँ
जीवन मूल्य
'हठ कर बैठा चाँद एक दिन'
इस कविता में चाँद ने अपनी माँ से हठ की।
- क्या आप भी अपने परिवार के सदस्यों से ज़िद्द करते हैं? हाँ मैं कभी-कभी अपने मता-पिता से जिद्द करता हूँ जब वे मेरी पसंद की चीज़ें नहीं लाकर देते हैं।
- क्या हठ करना अच्छी आदत है? यदि 'हाँ' तो क्यों और नहीं तो क्यों? हठ करना अच्छी भी है और बुरी भी है। अगर हम किसी अच्छे काम के लिए करते हैं जैसे किताबों लिए तो यह ठीक है। अगर हम किसी बुरे काम के लिए जैसे पैसों ,चॉकलेट या मोबाइल गेम खेलने के लिए करते हैं हठ करते हैं तो यह गलत है।
कुछ करने के लिए
कवि रामधारी सिंह दिनकर की कोई अन्य बाल-सुलभ कविता ढूँढकर लिखिए और कक्षा में
सुनाइए।
कवि रामधारी सिंह दिनकर की बाल-सुलभ कविताओं में से एक प्रसिद्ध कविता है **"वह तोड़ने वाले फूल नहीं"**। यह कविता बच्चों को संघर्ष, साहस और कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा देती है। यह कविता बच्चों को जीवन के उतार-चढ़ावों से निपटने की सीख देती है। कविता कुछ इस प्रकार है: --- **वह तोड़ने वाले फूल नहीं** वह तोड़ने वाले फूल नहीं हैं जो टूटकर गिर पड़े। नदिया की वे धाराएँ नहीं हैं, जो रुककर थम जाएं। जो जीवन के संघर्ष में, कभी न हारें, न थमें, वे ही तो जीवन के सच्चे नायक हैं। वह तोड़ने वाले फूल नहीं हैं जो मुरझाकर गिर जाएं। वे जो कभी हारें नहीं, सच्चे होते हैं जीवन में। हर झंझावात के बाद, फूलों की महक बढ़ जाए, ऐसी शक्ति होती है उन में। कभी न टूटने वाले। --- यह कविता बच्चों को यह समझाती है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ और परेशानियाँ केवल एक अस्थायी स्थिति होती हैं और जो व्यक्ति इनसे निपटता है, वह ही सच्चा विजेता होता है। रामधारी सिंह दिनकर की कविताओं में हमेशा जीवन के साहसिक पहलू और संघर्ष की शक्ति का चित्रण होता है।
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