Wednesday, October 8, 2025

अगर न नभ में माधुरी Q/A

   अगर न नभ में बादल होते- कविता में से  

1. बादल कहाँ से जल भरकर लाते हैं? 

बादल सिंधुं से जल भरकर लाते हैं।

2. नभ में बादल आने पर मोर और मेंढक क्या करते हैं?
नभ में बादल आने पर मोर खुश होकर शोर मचाते हैं और मेंढक  तान सुनाते हैं।

 3. नभ में बादलों के न आने के कारण किसान क्या नहीं कर पाएंगे? 
नभ में बादलों के न आने के कारण किसान खेती-बाड़ी नहीं कर पाएँगे और बीज नहीं बो  पाएँगे।

4. कौन-सी ऋतु न आने पर हम रिमझिम बूंदों के लिए रोते हैं?
वर्षा ऋतु  ग्रीष्म ऋतु  बसंत ऋतु
सही उत्तर पर गोला लगाइए 
वर्षा ऋतु

5. रिक्त स्थान भरिए 
नहीं .......................... फिर घहराती, 
नहीं ......................... फिर छहराती 
सब ............ से गाल भिगोते,
अगर न नभ में बादल ---------
उत्तर - घटाएँ ,छटाएँ,आँसू,होते

बातचीत के लिए
1.वर्षा होने पर आपको सबसे अच्छा क्या लगता है?
उत्तर स्वयं लिखिए।
मिट्टी की सोंधी खुशबू-सूखी धरती पर जब बारिश की पहली बूँदें गिरती हैं, तो जो भीनी-भीनी, सोंधी खुशबू आती है, वह सबसे मनमोहक और अच्छा  लगता है। 
गरम खाने का मज़ा: बारिश के दौरान कमरे के अंदर बैठकर चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े या समोसे खाने का मज़ा ही कुछ और होता है।
बारिश की आवाज़: छत या खिड़की के शीशे पर पानी की बूँदों के गिरने की लगातार और लयबद्ध आवाज़ सुनना बहुत अच्छा  लगता है।

2.बादल सिंधु से किस प्रकार जल भरकर लाते हैं?
बादल जल-चक्र (Water Cycle) की प्रक्रिया के माध्यम से सिंधु (समुद्र) से जल भरकर लाते हैं। यह प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में होती है:

1. वाष्पीकरण (Evaporation)

सूर्य की तेज़ गर्मी से सिंधु (महासागर), नदियों और झीलों का पानी गर्म होता है। यह पानी भाप (जलवाष्प) बनकर अदृश्य गैस के रूप में वायुमंडल में ऊपर उठता है। समुद्र (सिंधु) पृथ्वी पर पानी का सबसे बड़ा भंडार है, इसलिए बादलों के लिए अधिकांश जलवाष्प यहीं से मिलती है।

2. संघनन (Condensation)

जैसे-जैसे यह जलवाष्प ऊपर उठती है, वायुमंडल में तापमान कम होने के कारण यह ठंडी होती जाती है। ठंडा होने पर, यह जलवाष्प फिर से छोटी-छोटी पानी की बूंदों या बर्फ के क्रिस्टलों में बदल जाती है। इन बूंदों को हवा में तैर रहे धूल, नमक के कणों (जो समुद्री छिड़काव से आते हैं), या अन्य छोटे कणों का सहारा मिलता है, जिन्हें संघनक केंद्रक (Condensation Nuclei) कहते हैं। ये अनगिनत छोटी बूंदें और क्रिस्टल एक साथ मिलकर बादल का निर्माण करते हैं।

3. वर्षा (Precipitation)

जब बादल में ये छोटी बूंदें आपस में टकराकर बड़ी और भारी हो जाती हैं, तो वे हवा में तैर नहीं पातीं। जब उनका भार वायुमंडल की शक्ति से अधिक हो जाता है, तो वे वर्षा, बर्फ या ओलों के रूप में धरती पर गिर जाती हैं। इस प्रकार, सिंधु का जल भाप बनकर ऊपर जाता है, बादल बनता है, और वर्षा के रूप में वापस धरती पर लौट आता है।

यह पूरा चक्र निरंतर चलता रहता है।

बादलों में पानी कहाँ से आता है ? वर्षा केसे होती है ? Where does the water in the clouds come from? यह वीडियो बादलों में पानी आने और वर्षा होने की प्रक्रिया को समझाता है।

आपकी कल्पना

6. यदि साल भर वर्षा नहीं होगी तो क्या होगा?
यदि साल भर वर्षा न हो तो जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। जीव-जंतु पानी के अभाव से
मर जाएँगे। फसलें सूख जाएँगी।
7. आपको कौन-सा मौसम अच्छा लगता है और क्यों?
मुझे वसंत का मौसम अच्छा लगता है । इस मौसम में न ज़्यादा जाड़ा पड़ता है ने ज़्यादा गर्मी।
मौसम अत्यंत सुहावना रहता है।

भाषा की बात
1.उचित स्थान पर चंद्रबिंदु (ँ) लगाइए
नदिया घटाए आसू कहा छटाए बूदों
2.विलोम शब्द लिखिए-
रात---------- उदास ----------सरदी ------------ हँसते---------

जीवन मूल्य
2.पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ आसान और महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं।

ये काम छोटे लग सकते हैं, पर इनका बहुत बड़ा असर होता है।

पर्यावरण संतुलन के सरल उपाय

  1. पेड़ लगाओ और उनकी देखभाल करो:

    • अपने आस-पास छोटे पौधे लगाओ।

    • अपने लगाए पेड़ों को पानी दो और उन्हें सुरक्षित रखो।

  2. बिजली बचाओ:

    • जब कमरे से बाहर निकलो तो लाइट और पंखे बंद कर दो।

    • ज्यादा बिजली खाने वाले बल्ब की जगह LED बल्ब का इस्तेमाल करो।

  3. पानी बचाओ:

    • दाँत ब्रश करते समय या साबुन लगाते समय नल बंद रखो।

    • पानी की बर्बादी न हो, इसके लिए टपकते नलों के बारे में बड़ों को बताओ।

  4. प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करो:

    • बाज़ार जाते समय कपड़े का थैला लेकर जाओ।

    • प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ और पॉलीथीन का उपयोग नहीं करो।

  5. कचरा सही जगह डालो (कम करो, फिर से उपयोग करो और रीसायकल करो - 3R):

    • कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालो।

    • पुरानी चीज़ों को फेंकने के बजाय उन्हें फिर से इस्तेमाल करने के तरीके सोचो। जैसे: पुराने जार को पेंसिल बॉक्स बनाओ।

    • सूखा कचरा (कागज़, प्लास्टिक, धातु) और गीला कचरा (फल-सब्जी के छिलके) अलग-अलग जमा करो।

  6. वाहन का उपयोग कम करो:

    • छोटी दूरी के लिए पैदल चलो या साइकिल चलाओ।

    • इससे हवा कम प्रदूषित होगी।

इन आदतों को अपनाकर हम पर्यावरण को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं!


3.वर्षा जल संचयन क्यों आवश्यक है?

जल संकट से निपटने के लिए




कुछ करने के लिए

सावन में घर में कौन-कौन सी विशेष चीज़ें बनती हैं?

(i)घेवर- राजस्थान की प्रसिद्ध मिठाई जो खासकर रक्षाबंधन पर बहनों द्वारा भाइयों को दी जाती है।

इसे मैदा,घी,दूध और चीनी से तैयार किया जाता है।

(ii) लौकी की बर्फी - घी,खोया,दूध और लौकी से बनी यह सात्विक मिठाई स्वादिष्ट और पोषक होती हैष

(iii) साबूदाना खिचड़ी

(iv) मखाने की खीर

(v)महुअर






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ANNUAL Q/A MADHURI

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