Wednesday, October 8, 2025

अगर न नभ (भाषा अभ्यास)

   अगर न नभ में बादल होते  (भाषा अभ्यास)

1. ध्यानपूर्वक पढ़िए 
कौन सिंधु से जल भर लाता? 
उमड़-घुमड़, जग में बरसाता?
 मोर न खुश हो शोर मचाते, 
मेंढक कभी न तान सुनाते।
 सूखी होती नदियाँ-नहरें, 
होती कहीं न सुंदर लहरें। 
नहीं घटाएँ फिर घहरातीं, 
नहीं छटाएँ फिर छहरातीं। 
1.नीचे लिखे शब्दों के समान लय वाले शब्द ऊपर लिखी पंक्तियों में से छाँटकर लिखिए.
 (क) लाता - बरसाता 
ख) मचाते-  सुनाते 
(ग) नहरें -लहरें। 
 (घ) घहरातीं -छहराती
2. नीचे लिखे शब्दों के समानार्थक शब्द कविता 'अगर न नभ में बादल होते' में से ढूँढकर लिखिए
 (क) अश्रु- आँसू 
(ख) संसार - दुनिया 
(ग) नीर - जल 
 (घ) दामिनी - बिजली 
(ङ) मेघ - बादल 
(च) अम्बर - नभ 
3. निम्न वाक्यों में फलों/सब्जियों के नाम ढूँढकर लिखिए और वाक्य का काल भी बताइए
फल/सब्जी            काल
(क) वह अकेला गया था। ...... केला        भूतकाल 
(ख) अरे! सीता फल ला रही है।  सीताफल  वर्तमानकाल 
(ग) न जाने मिली चीख क्यों रही है? लीची वर्तमानकाल 
(घ) चिड़ियाघर में मरकट हल चलाएगा।  कटहल भविष्यतकाल
(ङ) कुटिया में बैठा संत राम-राम बोल रहा होगा। संतरा भविष्यतकाल
(च) नीरज भैया हम सबसे बड़े हैं।  सेब वर्तमानकाल
(छ) विष्णु! आप पीताम्बर में शोभित होते हैं। पपीता वर्तमानकाल

 4. दिए गए शब्दों के विलोम शब्द चुनकर लिखिए 
(क) विशेष - साधारण  
(ख) सुविधा =असुविधा  
(ग) शक्तिहीन = शक्तिशाली   
(घ) जय - पराजय 

5. नीचे दिए हुए शब्द-जोड़ों को पूरा कीजिए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए 
(क) उछल -कूद   (बच्चे कक्षा में उछल-कूद कर रहे हैं।)
(ख) लपक -झपक (बंदर लपक-झपक कर डाली को पकड़ लिया।
(ग) कूद -फाँद   (हिरन कूद-फाँद कर जंगल की ओर भाग गया।
(घ) उलट- पलट  (वह किताबों को उलट-पलट कर देखने लगा।

6. 'आर्मस्ट्राँग और एडविन आल्ड्रिन चाँद से पृथ्वी को देखकर खुशी से उछल पड़े। 
'खुशी से उछल पड़ना' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है - बहुत खुश होना। 
'खुशी' से जुड़े कुछ मुहावरों से वाक्य बनाइए 
(क) मन-ही-मन लड्डू फूटना - कक्षा में प्रथम आने की खबर सुनकर सुरेश के मन-ही -मन लड्डू फूटने लगा।
"सरकारी नौकरी मिलने की खबर सुनकर राम के मन-ही-मन लड्डू फूटने लगे
(ख) घी के दीए जलाना  - पुत्र के विदेश से लौटने पर परिवार वालों ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया।
  • जब मोहन को सरकारी नौकरी मिली, तो उसके पूरे परिवार ने घी के दीए जलाए

  • देश की क्रिकेट टीम जब विश्व कप जीतकर लौटी, तो पूरे देश ने घी के दीए जलाकर उनका स्वागत किया।

  • बीस साल बाद बेटा घर लौटा तो माँ ने खुशी के मारे घी के दीए जला दिए

  • कंपनी को बड़ा प्रोजेक्ट मिलने की खबर सुनते ही मालिक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर घी के दीए जलाए

  • (ग) फूला न समाना = दिवाली के दिन बच्चे फूले नहीं समाते।
  • जब रमेश ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, तो वह खुशी के मारे फूला न समाया

  • विदेश में रहने वाला बेटा दस साल बाद अचानक घर आया, तो माँ उसे देखकर फूली न समाई

  • लॉटरी जीतने की खबर मिलते ही उसके चेहरे की रौनक देखने लायक थी, वह फूला न समा रहा था


  • 7. कविता 'अगर न नभ में बादल होते' में से उचित शब्दों को छाँटकर निम्न तालिका पूर्ण कीजिए 
    युग्म-शब्द - तप-खप,चिड़िया-तोते,नदियाँ-नहरें,खेती-बारी,
    संज्ञा - सिंधु ,नभ बादल बिजली मोर मेंढक चिड़िया तोते
    सर्वनाम - कौन हम सब        
    क्रिया  - बरसाता खोते होते दिखाती सोते मचाते सनाते बोते घहरातीं छपहरातीं भिगोते आती रोते
    8. वसंत ऋतु का चित्र बनाकर उसका वर्णन कीजिए

    वसंत ऋतु: ऋतुओं का राजा 🌸

    वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह ऋतु फरवरी से मार्च के बीच आती है।

    यह सर्दी के जाने और गर्मी के आने के बीच का बहुत ही सुहावना मौसम होता है। इस मौसम में न ज़्यादा ठंड होती है

    और न ही ज़्यादा गर्मी।वसंत ऋतु आते ही प्रकृति में चारों ओर खुशी और नयापन छा जाता है। पेड़ों पर नई कोपलें और हरी पत्तियाँ आने

    लगती हैं। बागों और मैदानों में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं, जैसे गुलाब, गेंदा और सरसों के पीले फूल।

    फूलों पर तितलियाँ मँडराती हैं और भँवरे गुंजन करते हैं।इस ऋतु में कोयल की मीठी बोली सुनाई देती है और पक्षी चहचहाते हैं। खेतों में सरसों के पीले फूल दूर तक फैले

    दिखाई देते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। वसंत पंचमी का त्योहार इसी ऋतु में मनाया जाता है, जब हम सरस्वती माँ की

    पूजा करते हैं।वसंत ऋतु हमें उमंग, उत्साह और आशा का संदेश देती है। यह ऋतु हमें प्रकृति के करीब आने और उसकी

    सुंदरता का आनंद लेने का मौका देती है।



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