Tuesday, July 15, 2025

अपठित गद्यांश - समय का महत्व

  समय का महत्व

प्र.5 निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए:-

संत कबीर ने ठीक ही कहा था ‘काल करे सो आज कर, आज करे सो अब” क्योंकि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। जो व्यक्ति आज का  काम कल के लिए टाल देता है. वह बाद मैं पछताता ही रह जाता है। बुद्धिमान व्यक्ति समय का मूल्य जानते हैं। वे अपने सभी कार्य समय पर करते हैं और सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते जाते है। आलसी और मूर्ख व्यक्ति कल की प्रतीक्षा करते रहते हैं पर उनका कल कभी नहीं आता। समय मुट्ठी में बन्द रेत की तरह होता है. जिसे जितना पकड़ो उतना ही हाथ से फिसलता चला जाता है। समय की परवाह न करने वाले विद्यार्थी भी बाद में पछताते हैं। अतः हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए।

(1)समय किसकी पतीक्षा करता है?

(2) कल की प्रतीक्षा कोन करते 

(3) “मूर्ख” शब्द का विलोम लिखे।

(4) समय  की परवाह न करने वाले बाद में________है।

(5)  समय को किसके साथ तुलना किया गया है?

(6) समय का मूल्य कौन जानता है?


(1)समय किसकी पतीक्षा करता है?

(क) व्यक्ति की (ख) अवसर की

(ग) छात्र की (घ) किसी की नहीं

(2). कल की प्रतीक्षा कोन करते है?

(क) आलसी  (ख) मुर्ख

(ग) उपरोक्त दोनों (घ)  इनमें से कोई नहीं

(3) “मूर्ख” शब्द का विलोम लिखे।

(क) साहसी। (ख) बलवान,

(ग) बुद्धिमान (घ) आलसी

(4). समय  की परवाह न करने वाले बाद में________है।

(क) खुश रहते (ख) पछताते

(ग) भ्रम में रहते (घ) सोते है


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