Sunday, December 27, 2020
Wednesday, December 23, 2020
Saturday, December 19, 2020
हार की जीत - भाषा अभ्यास
हार की जीत - भाषा अभ्यास
1. नीचे दिए गए शब्दों के लिए तीन तीन विशेषताएं लिखिए-
क) बाबा भारती - , परोपकारी दयालु, ईमानदार, बूढ़े
ख) घोड़ा-, सुंदर, बाँका सफेद फुर्तीला
ग ) खड़्गसिंह - निर्दयी दुष्ट कपटी धोखेबाज
घ) अस्तबल - बड़ा , साफ-सुथरा , सुंदर
2. अधिकरण कारक के चिन्ह - में, पर
बाब भारती मंदिर में रहते थे ।
बाबा भारती सुल्तान पर सवार होकर घूमने जा रहे थे।
3. अधिकरण कारक चिन्ह पर गिरा लगाइए-
बच्चे झूले पर चढ़ गए।
दादा जी ने अपना चश्मा मेज पर रखा।
डिब्बे में लड्डू रखे थे।
हॉल में बहुत लोग थे।
4.सही कारक चिन्ह से वाक्य पूरा कीजिए-
सड़क पर कारें आ- जा रही थी।
चीटियाँ डिब्बे में घुस गई।
उसके सिर पर टोपी थी।
मेरे हाथ में खुजली होने लगी।
5. संबंध कारक चिन्ह - का,के ,की
इस कँगले की भी सुनते जाना।
मैं यह घोड़ा आपके पास रहने नहीं दूँगा
उनके शब्द खड़्ग सिंह के कानों में गूँज रहे थे।
खड़्ग सिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया।
अपाहिज घोड़े की पीठ पर तनकर बैठ गया।
6. संबंध कारक चिन्ह पर गिरा लगाइए-
मैंने शालू की किताब नहीं ली।
उसने लोहे का गोला फेंका।
चोरों के सरदार को पकड़ लिया गया।
उनके घर आग लग गई।
7. उचित कारक चिन्ह से वाक्य पूरा कीजिए- का,के ,की
माँ ने चावल की खीर बनाई है।
कुत्ते की पूँछ टेढ़ी ही रहती है।
फूलों की डालियांँ झुक गईं।
बच्चों की किताबें रख दो।
मटर के दाने निकालो।
मदन का भाई आया है।
8. विलोम शब्द लिखिए-
संतोष- असंतोष
प्रशंसा- निंदा
अधीर-धीर
असावधान- सावधान
9. दो- दो पर्यायवाची शब्द लिखिए-
वन - कानन, अरण्य
घोड़ा- अश्व , घोटक
अँधेरा - तम, अंधकार
माँ - जननी, माता
10. सही शब्द चुनिए-
क) संध्या
ख) करुणा
ग) अपाहिज
घ) उन्होंने
11. मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए-
क) हृदय पर साँप लोटना - अर्थ - ईर्ष्या करना
वाक्य- मेरी नई साइकिल देखकर उसके हृदय पर साँप लोटने लगा।
ख) मुँह मोड़ लेना - अर्थ-उपेक्षा करना,विमुख होना,
जो मित्र जरूरत के वक़्त अपना मुँह मोड़ ले वो सच्चा मित्र नहीं होता ।
ग) हवा से बातें करना - तेज गति से भागना
उसका घोड़ा हवा से बातें करने लगा।
Friday, December 18, 2020
Thursday, December 17, 2020
हार की जीत शब्दार्थ
हार की जीत
Wednesday, December 16, 2020
राष्ट्रीय ध्वज / हमारा झंडा (अनुच्छेद लेखन) Term 2
राष्ट्रीय ध्वज / हमारा झंडा
हमारा राष्ट्रीय झंडा तिरंगा है। यह हमारे देश की शान है। इसके तीन रंग अपनी-अपनी कहानी कहते हैं। तिरंगा हमें वीरता, शांति और समृद्धि का संदेश देता है।झंडे का केसरिया रंग वीरता का प्रतीक है और सफ़ेद रंग हमें शांति का संदेश देता है। हरा रंग हमारे खेतों की खुशहाली के गीत गाता है। झंडे के बीच अशोक का धर्म चक्र बना है। झंडा हमें संदेश देता है कि ज़रूरत पड़ने पर हमें देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का भी बलिदान कर देना चाहिए। हमारा देश शांति में विश्वास रखता है, पर दुश्मन यदि हमला करे तो हम वीरता से उसे करारा जवाब देते हैं। हमारा देश खेती प्रधान है। यहाँ किसान मेहनत करके धरती में अनाज पैदा करते हैं।हमारे देश में हर धर्म और जाति के लोग प्रेम से रहते हैं। सब मिलजुल कर देश की उन्नति के लिए काम करते हैं। तिरंगा झंडा हमारे देश की शान है। हम सब इसका आदर करते हैं।
Monday, December 14, 2020
Friday, December 11, 2020
चाँद का कुर्ता - कुछ करने के लिए- मिर्च का मज़ा / रामधारी सिंह "दिनकर"
मिर्च का मज़ा / रामधारी सिंह "दिनकर"
एक काबुली वाले की कहते हैं लोग कहानी,
लाल मिर्च को देख गया भर उसके मुँह में पानी।
सोचा, क्या अच्छे दाने हैं, खाने से बल होगा,
यह जरूर इस मौसम का कोई मीठा फल होगा।
एक चवन्नी फेंक और झोली अपनी फैलाकर,
कुंजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर!
‘‘लाल-लाल पतली छीमी हो चीज अगर खाने की,
तो हमको दो तोल छीमियाँ फकत चार आने की।’’
‘‘हाँ, यह तो सब खाते हैं’’-कुँजड़िन बेचारी बोली,
और सेर भर लाल मिर्च से भर दी उसकी झोली!
मगन हुआ काबुली, फली का सौदा सस्ता पाके,
लगा चबाने मिर्च बैठकर नदी-किनारे जाके!
मगर, मिर्च ने तुरत जीभ पर अपना जोर दिखाया,
मुँह सारा जल उठा और आँखों में पानी आया।
पर, काबुल का मर्द लाल छीमी से क्यों मुँह मोड़े?
खर्च हुआ जिस पर उसको क्यों बिना सधाए छोड़े?
आँख पोंछते, दाँत पीसते, रोते औ रिसियाते,
वह खाता ही रहा मिर्च की छीमी को सिसियाते!
इतने में आ गया उधर से कोई एक सिपाही,
बोला, ‘‘बेवकूफ! क्या खाकर यों कर रहा तबाही?’’
कहा काबुली ने-‘‘मैं हूँ आदमी न ऐसा-वैसा!
जा तू अपनी राह सिपाही, मैं खाता हूँ पैसा।’’
WORKSHEET- 15 अंधेर नगरी
Thursday, December 10, 2020
चाँद का कुर्ता माधुरी Q/A
Wednesday, December 9, 2020
Wednesday, December 2, 2020
WORKSHEET - 14 (बुद्धिमान राजा)
DAV PUBLIC SCHOOL,BHUBANESWAR-21
CLASS – V (H.HINDI) WORKSHEET - 14 (बुद्धिमान राजा)
NAME -------------------------- SEC --------------- ROLL ------------
1) चीन का राजा कैसा था?
2) वह प्रजा के साथ कैसा व्यवहार करता था?
3) महामंत्री ने उसे कया सलाह दी?
4) महामंत्री की बात सुनककर राजा ने क्या किया?
5) जब राजा के पास विशाल सेना हो गई तो उसने क्या किया?
6) पड़ोसी राजाओं ने क्यों हार मान ली?
7) किस ने राजा को धन और सैनिक उपहार में दिए?
8) पराजित राजाओं ने चीन के राजा को किसके के बारे में बताया?
9) चीन के राजा का आदेश पाकर सैनिकों ने कहाँ पड़ाव डाला?
10) सिंगापुर में सैनिकों ने क्या काम किया?
11) सेनाओं ने चारों दिशाओं में दूत क्यों भेजा?
WORKSHEET- 13 प्रिय पौधा
D A V PUBLIC SCHOOL ,BBSR-21
WORKSHEET- 13 प्रिय पौधा
CLASS – V H.HINDI
NAME- SEC- ROLL NO-
1.हरिता ------- बजाता था।
गीतार गितार हरमोनियम तबला
2.इस पाठ में वैज्ञानिक ----------------- का नाम आया है।
प्रो.खुराना एपीजो कलाम जगदीश चंद्र बसु
3.पुष्प-प्रदर्शनी -------------- माह में होती है
मार्च अप्रेल फरवरी जनवरी
4.पौधे और पुष्प ------------- में प्रदर्शित किए जाते थे
क्यारी गमले स्कूल मैदान
5. ----------------- रसोई के लिए अधिकांश सब्ज़ियाँ अपने बगीचे में ही उगातीं।
हरित ताई माँ नौकरानी
6.हरित अपनी ताई को पेड़-पौधों के विषय में ----------- देने लगा।
प्रस्ताव विचार उपदेश सुझाव
7.------------------- में हरित पुरस्कार पाने का सपना देखने लाग।
खेल घर नींद स्कूल
8. पेड़- पौधे भी -------------- की तरह स्पर्श इत्यादि का अनुभव करते हैं
पानी मिट्टी बादल मनुष्य
9.हरित अब ----------------- शास्त्र का होनहार विद्यार्थी है।
विज्ञान अर्थ शास्त्र वनस्तपति भूगोल
10.हिरत के पौधे को ---------------- का पुरस्कार मिला।
प्रथम द्वीतिय पौधे सर्वश्रेष्ठ पौधे होनहार
ANNUAL Q/A MADHURI
अगर न नभ में बादल होते- कविता में से 1. बादल कहाँ से जल भरकर लाते हैं? बादल सिंधुं से जल भरकर लाते हैं। 2. नभ में बादल आने पर मोर और ...
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https://quizizz.com/join?gc=62186180
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प्रिय पौधा माधुरी शब्दार्थ: https://studio.frameworkconsulting.com/activity/91548/shared अधिकांश- अधिकतर अनुपस्थिति- गैरहा...
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लौह पुरुष लौह पुरुष को क्लिक कीजिए- पाठ में से 1.वल्लभ भाई को देश किस नाम से याद करता है? क्यों ? वल्लभ भाई को देश लौह पुरुष के नाम से...

